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जानलेवा साबित हो सकती है उच्च रक्तचाप में लापरवाही

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डा अनिल वोहरा - फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर। गलत खानपान और खराब दिनचर्या लोगों को उच्च रक्तचाप का रोगी बना रही है। यही वजह है कि फिजीशियन की ओपीडी में हर वर्ष उच्च रक्तचाप के रोगी बढ़ रहे हैं। फिजीशियन बताते हैं कि वर्तमान में हर तीसरा मरीज उच्च रक्तचाप से ग्रसित है। यदि इसके प्रति लापरवाही बरती जाए तो यह मरीज के लिए जानलेवा साबित हो सकता है।
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एसबीडी जिला अस्पताल में फिजीशियन की ओपीडी में इन दिनों प्रतिदिन 200 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं, जिनमें बड़ी संख्या उच्च रक्तचाप के रोगियों की है। चिकित्सकों का कहना है कि रक्तचाप के रोगियों में गर्मियों में यह समस्या बढ़ना आम बात है, लेकिन इसमें लापरवाही नुकसान पहुंचा सकती है। एसबीडी जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. अनिल वोहरा का कहना है कि ब्लड प्रेशर के बढ़ने की वजह से पूरे शरीर पर प्रभाव पड़ता है। वर्तमान में देखा जा रहा कि दिनचर्या ठीक न होने की वजह से लोग उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) के शिकार हो रहे हैं। इसके बचाव के लिए जागरूक होना जरूरी है और सावधानियां बरतने की आवश्यकता है। वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. संजीव मिगलानी बताते हैं उचित खानपान का न होना और दिनचर्या में बदलाव जैसे समय से नहीं सोना और समय से नहीं उठना लोगों को उच्च रक्तचाप का रोगी बना रहा है, लेकिन इसमें लापरवाही जान पर भारी पड़ रही है। बड़ी संख्या में लोगों की उच्च रक्तचाप की वजह से मौत हो जाती है। उन्होंने चेताया कि उच्च रक्तचाप में लापरवाही बरतने पर मरीज को दिल का दौरा, दिमाग की नस फटना, गुर्दे फेल होना, आंखों का पर्दा खराब होना, टांगों में दर्द या नाक की नस फटने जैसी समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
रक्तचाप के मरीजों के दस बड़े दुश्मन
रक्तचाप यानी ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए ब्रेड और रोल, बेकरी के खाद्य पदार्थ, सैंडविच, पापड़, अचार, जंक फूड, पनीर टिक्का, चिप्स और पॉपकार्न, सूप, पास्ता दस बड़े दुश्मन हैं। ऐसे मरीजों को इन खाद्य पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए।
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बचाव और उपचार
-रक्तचाप को नियंत्रित रखने के लिए हमें प्रतिदिन छह ग्राम से कम नमक लेना चाहिए।
-धूम्रपान और तंबाकू का सेवन तथा शराब नहीं पीनी चाहिए।
-भोजन में चिकनाई कम लेनी चाहिए।
-प्रतिदिन व्यायाम और योगासन करना चाहिए।
-मानसिक तनाव से दूर रहना चाहिए।
-भोजन में फाइबर और मछली का प्रयोग लाभदायक होता है।
-चिकित्सकों द्वारा बताई गई दवाएं नियमित रूप से लेनी चाहिए।
-प्रतिदिन 30 मिनट सुबह टहलना चाहिए।
उच्च रक्तचाप के लक्षण
- सिर में दर्द होना
- चक्कर आना
- दिल का घबराना
- उल्टी आना और छाती में दर्द होना
- सिर में दर्द के साथ नाक से खून आना
- चलने पर सांस का फूलना
- शरीर में कमजोरी महसूस होना
- चेहरे का लाल रहना और बहुत गुस्सा आना
- दिन में बहुत ज्यादा नींद आना
- आंखों में कभी-कभी धुंधला पन आना
- चलने पर मांसपेशियों में दर्द होना

डा संजीव मिगलानी- फोटो : SAHARANPUR

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