संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। नगर निगम ने पांवधोई नदी की सफाई के लिए अभियान चलाया, लेकिन अभी भी उसकी हालत बदतर बनी हुई है। दालमंडी पुल के पास नदी के पानी के ऊपर प्लास्टिक के कचरे की परत चढ़ी हुई है, जिससे वहां नदी का अस्तित्व खत्म सा हो गया है। जिससे अब अभियान पर भी सवाल उठ रहे हैं।
पांवधोई नदी की सफाई के लिए 12 साल से अभियान चल रहा है। वर्ष 2010 में तत्कालीन जिलाधिकारी आलोक कुमार ने इसकी शुरुआत की थी, लेकिन नदी के पानी की गुणवत्ता लगातार बिगड़ रही है। खास बात यह है कि पांवधोई नदी को बचाने के लिए समिति भी बनी है, लेकिन यह लोग भी साल में जिस दिन सफाई अभियान शुरू होता है उस दिन घाट पर नजर आते हैं उसके बाद साल भर के लिए गायब हो जाते हैं। नगर निगम प्रत्येक वर्ष नदी की सफाई के लिए अभियान चलाता है, जो अभी तक औपचारिकता मात्र रहा है। दो माह पहले नदी की सफाई के लिए अभियान शुरू किया गया था, लेकिन आधी नदी की सफाई कर अभियान बीच में ही छोड़ दिया गया। कुछ जगह नदी में जेसीबी उतारकर सिल्ट और गंदगी निकाली गई थी। नागरिकों का आरोप है कि नगर निगम का अधिक जोर नदी के दोनों तटों पर खड़े पेड़ों के कटान पर रहा, जिनकी लकड़ी बेची गई। बहरहाल वर्तमान में नदी की हालत अच्छी नहीं है। धोबीघाट पर भारी मात्रा में सिल्ट जमी होने के साथ ही छोटे पुल के नीचे प्लास्टिक और कचरा जमा है। धोबीघाट से पुल खुमरान तक बीच में जगह जगह कचरा जमा हुआ है। दालमंडी पुल पर खड़े होकर नदी में उत्तर दिशा में देखें तो नदी के पानी की जगह प्लास्टिक और कचरा बिछा नजर आ रहा है। जिससे लोग नदी की सफाई व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं।
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भाजपा पार्षद ने उठाए सवाल
भाजपा के पार्षद आशुतोष सहगल ने दो दिन पहले नदी में बिछी कचरे की परत के फोटो खींचकर सोशल मीडिया पर डालते हुए नदी की सफाई व्यवस्था पर सवाल उठाए थे। उन्होंने नगर निगम की फेसबुक पर बनी आईडी पर भी उक्त फोटो को टैग किया था। उनका कहना है कि उन्होंने नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह को पर्सनल व्हाट्स एप पर भी फोटो भेजे हैं।
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जुर्माने से बच चुका है निगम
महानगर में नदियों की सफाई की जिम्मेदारी नगर निगम पर है। करीब दो साल पहले एनजीटी ने महानगर की नदियों की हालत पर नाराजगी जताई थी। नदियों की सफाई के लिए कदम उठाने को कहा था अन्यथा की स्थिति में प्रतिमाह पांच करोड़ रुपये के हिसाब से जुर्माना लगाने की चेतावनी दी थी, लेकिन तब निगम ने कुछ प्रयास किए थे, जिसकी वजह से निगम जुर्माना लगने से बच गया था।
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पांवधोई नदी की सफाई नगर निगम की प्राथमिकता में है। दो माह पहले भी सफाई कराई गई है और सफाई अभी बंद नहीं हुई है। अभी भी नदी की सफाई जारी है। जहां भी गंदगी और कचरा है उसे समय समय पर निकलवाया जाता रहा है।
डॉ. कुनाल जैन, नगर स्वास्थ्य अधिकारी।