सहारनपुर। जिले में बीते 53 दिनों के अंदर एक के बाद एक हुई चार बड़ी घटनाओं ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। कभी सड़क हादसों में हंसते-खेलते परिवार उजड़े तो कभी मानसिक अवसाद ने पूरे परिवार को लील लिया। सरसावा में हुई यह चौथी घटना है। लोगों की जुबां पर बस एक ही सवाल है कि आखिर जिले को किसी नजर लग गई। 19 जिंदगियां खत्म हो गई। इसमें बच्चे भी शामिल हैं।
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कार पर पलटा था बजरी से भरा डंपर, हुई थी सात मौत
28 नवंबर 2025 को गागलहेड़ी में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के अंडरपास में बजरी से भरा डंपर कार पर पलट गया था। इसमें कार सवार संदीप, उनकी मां रानी, बहन जूली, जीजा शेखर, भांजे अनिरुद्ध और मौसी के बेटे विपिन की मौके पर ही मौत हो गई थी। सभी एक रिश्तेदार के अंतिम संस्कार में शामिल होने जा रहे थे। सोना सैयद माजरा से निकलते ही मौत ने झपट्टा मारा था।
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पेड़ से टकराई थी कार, दो भाई समेत चार की हुई थी मौत
27 दिसंबर 2025 को बेहट थाना क्षेत्र में शाकंभरी देवी रोड पर फतेहपुर कलां के पास तेज रफ्तार सड़क किनारे पेड़ से टकराई थी। इसमें चिलकाना के गांव तिडफवा निवासी विजय, उसके भाई डॉ. मनीष, उनके मौसा जितेंद्र व सोनू की मौत हो गई थी। यह सभी बेहट से सहारनपुर की तरफ लौट रहे थे। मौके पर चारों ने दम तोड़ दिया था।
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मां ने बेटी-बेटे संग जहर निगलकर दी थी जान
16 जनवरी 2026 को गागलहेड़ी थाना क्षेत्र के गांव बलियाखेड़ी में मनीता ने बेटी नित्या व बेटे कार्तिक को जहर देने के बाद खुद भी निगल लिया था। घटनास्थल पर सल्फास की खाली शीशी मिली थी। अस्पताल ले जाने पर तीनों को मृत घोषित कर दिया था। इस मामले में पुलिस ने पति समेत चार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई थी।
संग्रह अमीन ने मां, पत्नी व बेटों को मारा, खुद को भी मारी गोली
सरसावा की कौशिक विहार कॉलोनी में संग्रह अमीन अशोक ने पहले मां विद्यावती, पत्नी अंजिता, बेटे कार्तिक व देव को गोली मारी। इसके बाद खुद भी गोली मार ली। पांचों की मौके पर ही मौत हो गई। अशोक किराए के मकान में रह रहे थे। घटनास्थल से पुलिस को तीन तमंचे और आठ से दस खोखे बरामद किए।