छुटमलपुर। यूपी सरकार के बजट को किसानों ने औसत बताया है। किसानों ने जहां केसीसी की ऋण सीमा बढा़ने और समय पर फसल बीमा राशि मिलने की घोषणा का स्वागत किया है वहीं खाद, बीज और दवाई पर सब्सिडी न मिलने तथा ब्याज दरों को कम न किए जाने पर निराशा जताई है।
- नागल के गांव बढेड़ी कोली निवासी अमरदीप नौसरान ने बताया कि किसानों के लिए सकारात्मक बजट है। किसान क्रेडिट कार्ड की ऋण सीमा बढ़ाने तथा गन्ना किसानों का विशेष ध्यान रखा गया है। इसके लिए प्रदेश सरकार धन्यवाद की पात्र है। उम्मीद है इस बजट से किसान खुशहाली की तरफ अग्रसर होंगे।
- तीतरों के गांव कलसी निवासी किसान बलराम सिंह का कहना है कि सरकार किसानों को ब्याजमुक्त ऋण देने का प्रावधान करने के साथ ही सहकारी समितियों में पर्याप्त मात्रा में खाद व सात फीसदी की बजाय तीन प्रतिशत की दर पर ही ऋण मुहैया कराना चाहिए था। हालांकि बजट में किसानों को काफी सुविधाएं दी गई हैं लेकिन यह अपर्याप्त हैं।
- बड़गांव क्षेत्र के गांव महेशपुर निवासी मुख्यमंत्री से सम्मानित किसान मदन सिंह का कहना है बजट में कुछ नहीं है। केवल किसानों को बहकाने का लॉलीपॉप दिया गया है। यदि सरकार किसानों के लिए गंभीर होती तो जमीन स्तर पर किसानों को खुशहाल करने के लिए योजनाएं लागू करती।
-बेहट गांव रंड़ौल निवासी किसान नीरज राणा का कहना है कि बजट में किसानों के लिए की गई घोषणाओं से उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। उनका कहना है, कि ऋण सीमा में वृद्धि से खेती की लागत के लिए ज्यादा फंड मिलेगा और पीएम कुसुम योजना के तहत मिलने वाली सब्सिडी वाले सोलर पंपों से सिंचाई का खर्च कम आएगा।
- चिलकाना के गांव दूधगढ़ निवासी चौधरी महमूद ने बताया कि बजट किसानों के लिए लाभदायक है। केसीसी में ऋण राशि बढने से किसान को साहूकार से ऋण नहीं लेना पड़ेगा। गन्ना भुगतान समय से मिलने पर किसानों स्थिति में सुधार होगा।
- गांव चाणचक निवासी कुशल सिंह कांबोज ने बताया कि सब्सिडी पर खाद, बीज और दवाईयों की उपलब्धता कराई जानी चाहिए तो नहीं हो सकी है। डाई और एनपीएके पर रेट आसमान छू रहे हैं और सब्सिडी भी नहीं बढ़ाई गई है। केसीसी की लिमिट बढ़ाना अच्छा कदम है, लेकिन ब्याज दर कम की जानी चाहिए थी।