महिला के जनाजे के लिए भी बदलना पड़ा रास्ता
सोमवार को गांव निवासी पोल्ला की पत्नी की मौत हो गई। मुख्य रास्ते पर पानी भरा होने के कारण ग्रामीण जनाजा लेकर सीधे कब्रिस्तान नहीं जा सके। उन्हें दूसरे रास्ते से होकर कब्रिस्तान जाना पड़ा। लगातार दो दिनों में अंतिम संस्कार से जुड़ी ऐसी स्थिति सामने आने के बाद ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई है।
गलियों में तालाब का पानी भी भर रहा
ग्रामीणों के अनुसार, गांव की कई गलियों में घरों से निकलने वाले गंदे पानी के साथ तालाब का पानी भी भर रहा है। जल निकासी के लिए एक पाइप लाइन बिछाकर मोटर की मदद से पानी निकाला जाता है, लेकिन फिलहाल मोटर बंद पड़ी है। ऐसे में गलियों से पानी निकालने की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं है। ग्रामीणों को मजबूरी में गंदे पानी से होकर आना-जाना पड़ रहा है।
मस्जिद तक पहुंचने का रास्ता भी पानी में डूबा
सादिक राव, आमिर, शहजाद, तैमूर, आदिल, आलीम और इस्तखार समेत ग्रामीणों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। उनका आरोप है कि प्रशासनिक उपेक्षा के कारण लोग नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। मस्जिद में नमाज पढ़ने जाने के लिए भी साफ रास्ता नहीं बचा है। ग्रामीणों ने गांव में संक्रामक बीमारियां फैलने की आशंका भी जताई है।
मोटर का तार चोरी, अब फिर कराई जाएगी जल निकासी
खंड विकास अधिकारी परवेज आलम ने बताया कि जल निकासी के लिए लगाई गई मोटर का तार चोरी हो गया था। दोबारा तार मंगाकर जल निकासी की व्यवस्था कराई जाएगी। अधिकारियों के इस आश्वासन के बाद ग्रामीणों को जलभराव की समस्या से जल्द राहत मिलने की उम्मीद है।