शाकंभरी खोल में भरा पानी, घंटों रुके रहे श्रद्धालु
शाकंभरी (सहारनपुर)। शिवालिक पहाड़ियों व मैदानी क्षेत्र में बारिश के बाद घाड़ क्षेत्र की सभी बरसाती नदियों में पानी आ गया। घंटों तक नदियों से घिरे क्षेत्र के कई गांवों का बाहरी स्थानों से संपर्क कटा रहा। वहीं गांव खुवासपुर के एक किसान की 12 भैंस तेज पानी के बहाव में बह गईं, जिनको ग्रामीणों ने जेसीबी की मदद से बचाया। सिद्धपीठ शाकंभरी देवी में भी भूरादेव पर शाकंभरी खोल में पानी आ जाने से श्रद्धालु घंटों तक पानी उतरने का इंतजार करते रहे। पानी कम होने के बाद ही श्रद्धालु मां भगवती के दर्शनों को जा सके।
रविवार की सुबह पहाड़ी व मैदानी क्षेत्र में तेज बारिश हुई। उसके बाद शिवालिक पहाड़ियों से निकलने वाली दर्जन भर बरसाती नदियों में पानी आ गया। हालांकि जलस्तर कम ही था, लेकिन करीब तीन से चार घंटों तक नदी-नालों से घिरे क्षेत्र के अधिकतर गांवों का बाहरी स्थानों से संपर्क कटा रहा। जलस्तर कम होने के बाद ही बादशाहीबाग-रहणा मार्ग, सिद्धपीठ शाकंभरी देवी में आवाजाही शुरू हो पाई। शाहपुर गाड़ा नदी, बादशाही बाग नदी में भी घंटों तक बरसाती नदी में पानी आने से ग्रामीणों को पानी उतरने का इंतजार करना पड़ा। मिर्जापुर क्षेत्र के गांव खुवासपुर निवासी किसान इलियास 12 भैंसों को जंगल में चराने ले गया था। अचानक बड़कला खोल में पानी का तेज बहाव आ गया और इलियास की सभी भैंसें बहने लगीं। वहां मौजूद ग्रामीणों ने गांव में सूचना दी। पूर्व प्रधान रियाजुल चौधरी, बिलाल, नूर हसन, फुरकान जेसीबी लेकर पहुंचे और भैंसों को रेस्क्यू कर निकाला।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी
शाकंभरी। सिद्धपीठ शाकंभरी देवी में गुप्त नवरात्र की नवमी को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। श्रद्धालु नागल माफी में ही वाहनों को रोककर पैदल मां के भवन तक पहुंचे।
रविवार को साप्ताहिक अवकाश होने की वजह से सुबह से ही सिद्धपीठ में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़नी शुरू हो गयी थी। परंतु सुबह ही 6 बजे के लगभग शिवालिक पहाड़ियों में बारिश होने के बाद शाकंभरी खोल में पानी का तेज बहाव आ गया। पुलिस ने सभी वाहनों को नागल माफी के पास ही रुकवा दिया था। परंतु श्रद्धालुओं की आस्था खोल में पानी आने के बाद भी कम नहीं हुई। श्रद्धालु पैदल ही माता के जयकारों के साथ मां भगवती के दर्शनों को पहुंचे।