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UP: वंदे मातरम को लेकर भाजपा नेता वसीम खान का पलटवार, बोले- मुसलमानों के जज्बातों से खेल रहे मदनी

Wed, 10 Dec 2025 06:11 PM IST
डिंपल सिरोही न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर

सार

वंदे मातरम के विरोध पर जमीयत अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी पर महाराष्ट्र भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा अध्यक्ष वसीम खान ने आरोप लगाया कि वह मजहब और शरीयत का सहारा लेकर मुसलमानों को भड़का रहे हैं। देवबंद में दिए बयान में खान ने कहा कि मुसलमानों को वंदे मातरम से परहेज नहीं होना चाहिए।
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जमीअत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी। - फोटो : अमर उजाला
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वंदे मातरम को लेकर जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी के विरोध पर महाराष्ट्र (मुंबई) भाजपा के अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष वसीम खान ने कहा कि हर चीज को धर्म का चश्मा लगाकर नहीं देखना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि मौलाना मदनी मजहब को सुरक्षा कवच बनाकर और शरीयत का बहाना लेकर मुसलमानों के जज्बातों से खेल रहे हैं।

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बुधवार को देवबंद पहुंचे महाराष्ट्र भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष वसीम खान ने कहा कि वंदे मातरम का नारा देकर हमारे न जाने कितने महापुरुषों ने देश की आजादी के लिए कुर्बानियां दी हैं। उस नारे में एक जज्बा भरा हुआ है। इसलिए मुझे लगता है कि हिंदुस्तान के मुसलमानों को इससे कोई परहेज नहीं होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि मौलाना अरशद मदनी बड़े आलिम-ए-दीन हैं उनको सियासी चीजों में ज्यादा न उलझकर इससे दूरी बनानी चाहिए और जो दीन की बातें हैं लोगों को बतानी चाहिए और जो खिदमत के काम हैं उनको वही करने चाहिए। खान ने कहा कि हर चीज को सियासत से नहीं जोड़ना चाहिए, मुसलमानों से अपील करने के लिए बहुत सारी चीजें हैं।
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कहा कि मौलाना अरशद मदनी हों या उनसे जुड़े अन्य लोग हमेशा सियासी मुद्दों में हस्तक्षेप करते हैं और कहीं न कहीं मुसलमानों को बहकाने का काम करते हैं, वह मजहब को सुरक्षा कवच बनाकर और शरीयत का बहाना लेकर मुसलमानों के जज्बातों से खेलते हैं। उन्होंने कहा कि शरीयत अलग है और मजहब अलग है, जब हम खुद को भारतीय कहते हैं तो हमारी संयुक्त तौर पर जिम्मेदारियां बढ़ जाती हैं।
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