डेढ़ साल से हजारों घरों में ‘अमृत’ का इंतजार
अमर उजाला अभियान
- अमृत योजना के तहत दिसंबर 2020 तक चालू होनी थी पानी की आपूर्ति
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। अमृत योजना के तहत करीब 20 हजार घरों में पेयजल कनेक्शन देने की योजना शुरू हुए डेढ़ साल से अधिक समय गुजर चुका है। यह योजना तीन चरण में पूरी होनी है। लेकिन पहले चरण अब तक करीब 9620 घरों में पेयजल का अमृत पहुंचा है। दूसरे चरण में 7060 घरों में नए कनेक्शन दिए जाने थे। पाइपलाइन डाले हुए डेढ़ वर्ष से अधिक का समय बीत चुका है। ऐसे हालात में नगर निगम की बाहरी कॉलोनियों के लोगों को अमृत योजना से पेयजल आपूर्ति होने का इंतजार है।
वर्ष 2019 में अमृत योजना के तहत नगर की पेयजल व्यवस्था में सुधार के लिए करीब सौ करोड़ रुपये का बजट पास हुआ था। कार्य तीन चरणों में पूरा होना था, जो दिसंबर 2020 तक पूर्ण होना था। अब तक जल निगम दूसरा चरण भी पूरा नहीं करा पाया है। पहले चरण के लिए 28.35 करोड़ रुपये जारी किए गए थे। इससे सात नलकूप, चार ओवरहेड टैंक, 104 किलोमीटर की पाइपलाइन बिछाई गई। जिनमें पानी की आपूर्ति चालू की जा चुकी है। दूसरे चरण के लिए 27 करोड़ 59 लाख रुपये जारी किए गए थे। इस पैसे से तीन ओवरहेड टैंक और पांच नलकूप लगाए जाने थे। 103.45 किलोमीटर की पाइपलाइन करीब डेढ़ वर्ष पहले डाली जा चुकी है। दूसरे चरण में 7060 घरों में नए कनेक्शन दिए जाने थे। पाइपलाइन बिछे डेढ वर्ष से अधिक का समय बीत चुका है, मगर अभी तक पानी की आपूर्ति चालू नहीं हो सकी है। ऐसे में पांच हजार परिवार आपूर्ति चालू होने के इंतजार में हैं। तीसरे चरण के लिए 55 करोड़ रुपये सवीकृत थे। तीसरे चरण पर अभी काम शुरू नहीं हो सका है।
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नागरिकों की बात
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-चक देवली निवासी प्रदीप कुमार ने बताया कि उनके गांव में पेयजल के लिए पाइपलाइन डले करीब डेढ वर्ष बीत चुका है। पहले दिसंबर तक आपूर्ति चालू होने की बात कही गई थी, मगर अभी तक पानी नहीं पहुंचा है।
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-सुमित कुमार का कहना है कि पाइपलाइन बिछने के बाद उम्मीद थी कि जल्द ही घरों में पानी पहुंचेगा, मगर शहर में आने के बावजूद लोग अभी तक हैंडपंपों से पानी खींचोने को मजबूर हैं।
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------- वर्जन
पहले चरण में कुछ जगहों पर ओवरहेड टैंक की भूमि को लेकर विवाद हुआ, जिसे सुलझाने में समय लगा। इसके बाद तीन माह तक पूर्ण लॉकडाउन रहा। इस दौरान कार्य बाधित रहा। लेकिन पहले चरण की आपूर्ति चालू करा दी गई थी। दूसरे चरण की आपूर्ति मई तक शुरू हो जाएगी। तीसरे चरण के बजट के लिए एस्टिमेट तैयार कर भेजा गया है।
- राजेंद्र सिंह, अधिशासी अभियंता, जल निगम।