सहारनपुर। एक समय था जब वाहनों के वीआईपी नंबर लेने के लिए लोग सिफारिश लगवाते थे। करीब 10 हजार रुपये में वीआईपी नंबर मिल जाता था, लेकिन अब गाड़ियों के लिए वीआईपी नंबर लेने का क्रेज घट रहा है। पिछले छह महीने में 321 वीआईपी नंबर बिके हैं। इस दौरान वीवीआईपी नंबर 0001 और 786 को सिर्फ तीन लोगों ने ही खरीदा है।
वीआईपी नंबर के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होता है। इसके लिए सबसे पहले आपको सड़क परिवहन मंत्रालय की वेबसाइट parivahan.gov.in पर जाना पड़ता है। यहां पर पंजीकरण करने के बाद आवेदक को फीस भुगतान करना होगा। फीस जमा करने के बाद चुने गए नंबर की नीलामी में हिस्सा लेकर आवेदक वीआईपी नंबर ले सकता है। इसमें कई श्रेणी में नंबरों को रखकर उनकी कीमतें तय की गई हैं। संभागीय परिवहन विभाग की ओर से छह साल पहले वीआईपी नंबर के लिए मोटा शुल्क अनिवार्य कर दिया गया, तब से इन नंबरों के लिए लोगों का रुझान कम होता चला गया। छह महीने के अंदर 321 लोगों ने वीआईपी नंबर लिया है।
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इन नंबरों की कीमत एक लाख
वीवीआईपी नंबर प्रथम शृंखला के तहत 0001, 0002, 0005, 0007, 0008, 0009, 786 नंबर कार के लिए एक लाख और बाइक के लिए 50 हजार में मिलता है।
इन नंबरों की कीमत 50 हजार
1100, 0111, 3000, 9000, 0033, 9000, 7000, 0099, 0077, 0027, 0090 नंबर कार के लिए 50 हजार और बाइक के लिए 25 हजार रुपये देने पड़ते हैं।
इन नंबरों की कीमत 25 हजार
6500, 8100, 4500, 1300, 0070, 0018, 0036, 7007, 5100, 1800, 1001 नंबर कार के लिए 25 और बाइक के लिए 15 हजार रुपये में मिलते हैं।
वीआईपी नंबर खरीदने के लिए लोग अब रुचि कम ले रहे हैं। छह महीने में 321 वीआईपी नंबर बुक हुए। इनसे विभाग को 41.79 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। वर्ष 2018 के बाद वीआईपी नंबर लेने की राशि बढ़ गई थी।
- महेंद्र बाबू गुप्ता, एआरटीओ प्रशासन