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त्रिस्तरीय पंचायत उप चुनाव में वोटरों नहीं दिखाई दिलचस्पी

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सहारनपुर। त्रिस्तरीय पंचायत उप चुनाव में मतदाताओं ने दिलचस्पी नहीं दिखाई। महज 58.57 प्रतिशत मतदाताओं ने मतदान में रुचि दिखाई। मतदान में मतदाताओं का बूथ पर नहीं आने का मुख्य कारण ये सामने आया कि महज चंद महीनों के लिए जिला पंचायत सदस्य, ग्राम और सदस्य क्षेत्र पंचायत की बागडोर संभालकर ही वे क्या करेंगे। महज छह से सात महीने बाद त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव फिर होनी है और उसकी प्रक्रिया जल्द शुरू होने की उम्मीद है। लिहाजा कई जगहों पर निर्विरोध निर्वाचन तो देवबंद ब्लाक के एक गांव में तो रिक्त पद के बावजूद कोई नामांकन करने नहीं आया। मतदान की बात करें तो पुंवारका विकास खंड के मोहम्मदपुर गाड़ा में सर्वाधिक मतों की बारिश हुई, जबकि सरसावा सदस्य जिला पंचायत वार्ड संख्या-13 जो सबसे अधिक राजनीति सरगर्मी का मुद्दा बनाना था, वहां सबसे कम वोट पड़े। यहां के वोटरों ने महज 40.09 प्रतिशत मतदान किया।
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त्रिस्तरीय पंचायत उप चुनाव को लेकर पांच विकास खंडों में मतदान हुआ। सरसावा, पुंवारका, नागल, रामपुर मनिहारन, मुजफ्फराबाद में मतदान हुआ। सरसावा में सदस्य जिला पंचायत वार्ड संख्या -13 जिसे लेकर कुछ राजनीति दल भी बेहद सक्रिय थे, लेकिन यहां के मतदाताओं ने बहुत दिलचस्पी नहीं दिखाई। मतदान महज 40.09 प्रतिशत पर आकर सिमट गया। पुंवारका के ग्राम पंचायत गागलहेडी, मोहम्मदपुर गाड़ा में मतदान हुआ। गागलहेडी में 58.39, मोहम्मद गाड़ा में सर्वाधिक 80.90, नागल के पांडौली में 55.46, रामपुर मनिहारन के उमरी कलां में प्रधान ग्राम पंचायत के लिए 74.58, मुजफ्फरबाद करौंदी के प्रधान ग्राम पंचायत पद पर 58.07 और रंडौल सदस्य क्षेत्र पंचायत वार्ड नंबर 95 में महज 42.56 प्रतिशत मत पड़े। चूंकि एक या दो ही मतदान केंद्र में 80 प्रतिशत का आंकड़ा पार हुआ। लिहाजा औसत मतदान का महज 58.57 आया। जिला पंचायत से जुड़े जानकार कहते हैं कि चूंकि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव भी नजदीक है। लिहाजा इसमें बहुत दिलचस्पी नहीं मतदाताओं ने दिखाई। ये जरूर है कि जिन जगहों पर मतदान हुआ, वह त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव जो आगामी होने वाले हैं, उसकी इसे रिहर्सल इन क्षेत्रों में मान सकते हैं।
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