सहारनपुर। देवबंद के लालवाला गांव में दो पक्षों के बीच हुए बवाल का पुलिस-प्रशासन ने खुलासा कर दिया है। गांव में जातीय संघर्ष का रूप दिया जाए, इसलिए गांव के ही अनुसूचित जाति के रामचंद्र ने अपने ही समाज के नरेश को उकसाया था। घटना पहले से ही सुनियोजित थी। पुलिस सर्विलांस, सीसीटीवी आदि के जरिए जांच में जुटी रही। इस मामले में पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
कलक्ट्रेट सभागार में डीएम अरविंद कुमार चौहान और एसएसपी अभिनंदन सिंह ने बताया कि लालवाला गांव निवासी रविंद्र राणा ने करीब 15 वर्ष पहले राज सिंह से जमीन खरीदी थी। तब से जमीन पर उनका कब्जा बना था। अपना घेर भी बना लिया था। जमीन आबादी क्षेत्र में होने के कारण उसकी कीमत बढ़ गई थी। चकबंदी से पृथक घाटा होने के कारण वसीयतनामा के आधार पर विपक्षी नरेश के पिता रामसिंह का नाम अंकित चल रहा है। इसे लेकर रविंद्र राणा और नरेश के बीच विवाद था। इसी विवाद का फायदा उठाते हुए रामचंद्र ने नरेश को उकसाया और जातिगत रंग देकर कब्जे का प्रयास शुरू कर दिया। इसमें गांव के शेर सिंह उर्फ शेरा को भी अपने साथ मिला लिया। शेर सिंह उर्फ शेरा देवबंद थाने का हिस्ट्रीशीटर है।
रामचंद्र ने अपने साथियों सुमित और आशीष के साथ मिलकर पहले माहौल तैयार किया। रविदास जयंती के अवसर पर रविंद्र राणा के घर के सामने संत रविदास और डॉ. भीमराव आंबेडकर का संयुक्त बोर्ड लगाया गया। इसके बाद नौ मई को महाराणा प्रताप जयंती के दिन मौके का फायदा उठाकर रामचंद्र ने लाउडस्पीकर से एनाउंस कर दिया कि रविंद्र राणा जमीन जोत रहा है। समाज के सभी लोग पांच मिनट में मंदिर पर आ जाओ। समाज के लोगों को भड़काने का काम किया। पुलिस मौके पर पहुंची थी। लोगों को समझाकर भेज दिया था।
कई बार किया गया माहौल भड़काने का प्रयास
8 मई को रामचंद्र ने फिर इसी तरह प्रयास किया और अफवाह फैला दी कि रविंद्र राणा इस जमीन पर महाराणा प्रताप की मूर्ति स्थापित कर रहा है। जल्दी पहुंचे आज उसका इलाज कर देंगे। इसके बाद कुछ लोगों ने रविंद्र के घर पहुंचकर हंगामा किया। हालांकि पुलिस ने फिर से मामला शांत कर दिया। तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया। 9 मई को रामचंद्र ने अपने साथी शेर सिंह उर्फ शेरा और 40-50 महिला-पुरुषों के साथ मिलकर रविंद्र के घर हमला बोल दिया।
हमलावरों ने पुलिस पर भी पथराव किया और ट्रैक्टर चढ़ाने का प्रयास किया। घटना के बाद रविंद्र राणा की शिकायत पर थाना देवबंद में प्राथमिकी दर्ज की गई। पांच दिन तक सर्विलांस, सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच के बाद पुलिस ने शेर सिंह उर्फ शेरू और अक्षय निवासी लालवाला को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी शेरसिंह ने दो साल पहले भी वादी रविंद्र के बेटे को गोली मारने का प्रयास किया था, लेकिन गोली मिस हो गई थी।
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डीएम ने कमेटी गठित कर कराई थी जांच, खुलती चली गई परतें
डीएम अरविंद कुमार चौहान ने बताया कि जमीन की जांच के लिए उच्च स्तरीय टीम गठित की गई थी। जांच रिपोर्ट में सामने आया कि गाटा संख्या 4267/पुराना गाटा 2344/2 की भूमि पर दोनों पक्षों के बीच विवाद है। रिपोर्ट में उल्लेख किया कि वर्तमान में उस भूमि पर आबादी बनी हुई है और रविंद्र सिंह का कई वर्षों से कब्जा है, जहां निर्माण कार्य भी कराया गया है। इसके बाद पूरे घटनाक्रम की परतें खुल सकीं।