जनप्रतिनिधियों की अनदेखी का शिकार नूरपुर गांव के ग्रामीणों ने टूटी सड़क को लेकर प्रदर्शन किया। साथ ही उन्होंने चुनाव के समय गांव में आने वाले प्रत्याशियों का विरोध करने और आगामी विधानसभा चुनाव के बहिष्कार करने की चेतावनी दी है।
रविवार को नूरपुर गांव के ग्रामीणों ने प्रधान पति गंगाराम के नेतृत्व में जनप्रतिनिधियों, पीडब्ल्यूडी और शुगर मिल अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जमकर प्रदर्शन किया। दरअसल ग्रामीण पिछले कई वर्षों से टूटी पड़ी सड़क को न बनवाए जाने से नाराज हैं।
शनिवार को हुई बारिश के कारण सड़क का हाल और भी खराब हो गया है जिस कारण लोगों को आने जाने में भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारी राजवीर सिंह, चंद्रशेखर शर्मा, दुर्गेश चंद शर्मा, प्रवीण कुमार, विजय लक्ष्मी, प्रतिभा दुबे, कुंती सिंह, सोहनवीरी, रामेश्वर राणा, कप्तान सिंह, रमाशंकर यादव आदि का कहना है कि उक्त रास्ता साईं धाम मंदिर के सामने से होकर शुगर मिल, ईस्सरपुर गढ़ी, इमलिया, लखनौती, झबीरन, अंबहेटा समेत करीब एक दर्जन गांवों को जाता है।
सड़क के टूटा होने के कारण प्रतिदिन यहां दुघर्टनाएं होती रहती है। ऊपर से फ्लाईओवर और फोरलेन का निर्माण कार्य होने के चलते रूट डायवर्ट किया गया है। इससे इस मार्ग से सवारी वाहनों के अलावा गन्ने लदी ट्रालियां गुजरती हैं।
बारिश होने के बाद इस मार्ग की हालत ऐसी हो गई है कि यहां से गुजरना भी मुश्किल है। आरोप है कि रास्ते के निर्माण के लिए वह कितनी बार अधिकारियों के सामने शिकायतें रख चुके हैं, लेकिन आज तक इस और ध्यान नहीं दिया गया। इसके चलते अब उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव के बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। साथ ही यह भी कहा कि अगर कोई प्रत्याशी गांव में वोट मांगने के लिए आएगा तो उसका विरोध किया जाएगा।