गंगोह। बीराखेड़ी बिजलीघर से गांव बंदाहेड़ी को जोड़े जाने पर दो गांवों के ग्रामीण आमने-सामने आ गए हैं। इसका विरोध कर बीराखेड़ी के ग्रामीणों ने सड़क मार्ग पर जाम लगा दिया। अधिकारियों के किसी भी गांव को बीराखेड़ी बिजलीघर से न जोड़ने देने के आश्वासन पर ग्रामीणों ने जाम खोला।
गंगोह कोतवाली क्षेत्र के गांव बंदाहेड़ी के ग्राम प्रधान बबीता, विपिन, शो सिंह, ओमप्रकाश, ललित, राजेंद्र, अमित, सुमित, तीर्थपाल, वासुदेव, सत्यपाल, पूजा, राकेश, नरेश, धर्मेंद्र आदि ने डीएम, नकुड़ एसडीएम, एक्सईएन, एसडीओ को भेजे पत्र में बताया कि वर्तमान में गांव बंदाहेड़ी को विद्युत सप्लाई खोसपुरा बिजलीघर से दी जाती है। यह बिजलीघर गांव से छह किमी दूर है। लाइन लंबी होने और जर्जर तारों के टूटने से सप्लाई आए दिन बाधित रहती है। इससे ग्रामीण परेशान हैं। उन्होंने पत्र में बताया कि गांव से करीब एक किमी की दूरी पर बीराखेड़ी बिजलीघर है। ग्रामीणों ने वहां से जनहित में गांव बंदाहेड़ी की सप्लाई जोड़ने की मांग की। एक्सईएन ने सर्वे के लिए गंगोह एसडीओ निर्देश दिया।
सर्वे की भनक लगते ही गांव बीराखेड़ी के ग्रामीण शनिवार को बिजलीघर पहुंचे और वहां गंगोह-अंबेहटा मार्ग पर जाम लगा दिया। विद्युत निगम के एसडीओ ने लिखित में आश्वासन दिया कि किसी नए गांव की सप्लाई बिजलीघर से नहीं जोड़ी जाएगी। तब जाकर ग्रामीणों ने जाम खोला। गांव बंदाहेड़ी के कुछ गणमान्य लोगों ने कहा बिजली के इस मुद्दे को राजनीतिक रूप देने का प्रयास किया जा रहा है।
इस बारे में बीराखेड़ी के प्रधान प्रतिनिधि चौधरी चंद्रपाल ने बताया कि बिजलीघर पहले ही ओवरलोड की समस्या से जूझ रहा है। किसी भी कीमत पर दूसरे गांव को बिजलीघर से जुड़ने नहीं दिया जाएगा। यदि अधिकारियों या नेताओं ने जबरदस्ती की तो इसका परिणाम उन्हें आगामी 2022 विधानसभा चुनाव में भुगतना पड़ेगा। गंगोह एसडीओ सतीश रावत ने बताया कि ग्रामीणों ने बिजलीघर पर जाम लगाया था। इसके बाद उच्चाधिकारियों से बात कर ग्रामीणों को आश्वासन दिया बिजलीघर से किसी दूसरे गांव को नहीं जोड़ा जाएगा।