नानौता के सूभरी में खुदाई का विरोध करते ग्रामीण।
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अधिकारियों के आदेश पर जल संरक्षण के लिए ग्राम प्रधान द्वारा श्मशान की भूमि पर खुदवाए जा रहे गढ्ढों का ग्रामीणों ने विरोध करते हुए पहले गांव के तालाब के जीर्णोद्धार की मांग उठा काम बंद करा दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों को समझाने का काफी प्रयास किया लेकिन वे नहीं माने।
जल संरक्षण को लेकर क्षेत्र के सभी गांवों में गढ्ढे बनाकर बारिश का पानी जमा करने के लिए प्रशासन द्वारा योजना बनाई गई है। इसके चलते क्षेत्र के ग्राम सूभरी में खंड विकास अधिकारी व एडीओ के आदेश पर ग्राम प्रधान द्वारा श्मशान की भूमि में गढ्ढे खुदवाए जा रहे थे। बताया जाता है कि इसी दौरान गांव के काफी ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और श्मशान की भूमि पर खुदाई करने का विरोध करते हुए काम को बंद करा दिया।
ग्रामीणों द्वारा खुदाई का काम बंद करने की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया लेकिन वे नहीं माने। इसके बाद ग्राम प्रधान द्वारा ग्रामीणों व पुलिस के साथ एक बैठक का आयोजन किया गया।
बैठक के दौरान खुदाई का विरोध कर रहे ग्रामीणों का कहना था कि गांव में पहले से ही तालाब स्थित है। बावजूद इसके ग्राम प्रधान द्वारा तालाब की सफाई और अवैध कब्जे को न हटवाकर दूसरे स्थान पर जोकि गांव के श्मशान है पर बारिश का पानी जमा करने के लिए गढ्ढे खुदवाए जा रहे है। इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पहले तालाब का जीर्णोद्धार कराया जाए
ग्राम प्रधान मेघराज सिंह का कहना है कि ब्लॉक के अधिकारियों के आदेश पर ही गढ्ढों को खुदवाने का काम किया जा रहा है। ब्लॉक रामपुर मनिहारान के एडीओ नेपाल सिंह ने बताया कि इस संबंध में उन्हें जानकारी नहीं है और खंड विकास अधिकारी का तबादला हो गया है। समाचार लिखे जाने तक ग्रामीणों व ग्राम प्रधान के बीच सहमति नहीं होने के चलते गढ्ढे खुदाई का काम बंद था।