ग्राम प्रधान संगठन की बैठक में रंडोल के राशन डीलर पर कार्रवाई न किए जाने को लेकर गहरा आक्रोश जताया गया। आपूर्ति अधिकारियों पर सत्ताधारी नेता के दबाव में काम करने का आरोप लगाते हुए प्रधानों ने साफ चेताया कि यदि राशन डीलर की दुकान निरस्त नहीं की जाती तो डीएम कार्यालय पर धरना देने के साथ ही लखनऊ में मुख्यमंत्री से मिल कर उन्हें पूरे प्रकरण से अवगत कराया जाएगा।
फतेहपुर भादो गांव के प्रधान सुनील कुमार के कार्यालय पर आहूत बैठक में प्रधान संगठन के मुजफ्फराबाद ब्लाक अध्यक्ष भानू प्रताप ने कहा कि जिला पूर्ति अधिकारी द्वारा की गई जांच में सात सौ लीटर मिट्टी का तेल कम पाए जाने के बावजूद केवल निलंबन की कार्रवाई साफ दर्शाती है कि अफसर दबाव में काम कर रहे हैं।
प्रधान पति गुलसन्नवर ने अपनी पंचायत गणेशपुर के मजरे मोहंड के डीलर और भूलनी के प्रधान पति स्वराज सिंह ने भी अपने गांव के डीलर की जांच कराने की मांग की। महामंत्री राजकुमार सिंह और रंडोल के प्रधान एवं ब्लाक उपाध्यक्ष राजेश कुमार ने कहा कि एक सत्ताधारी नेता प्रधानों के अधिकारों में अनावश्यक हस्तक्षेप कर रहे हैं।
मनोज प्रधान अल्लीवाला, संजय कांबोज औरंगाबाद, नौरती प्रधान चौंदाहेड़ी, धीरज प्रधान नगला, सोनू प्रधान अलीपुर संभालकी, अनुज प्रधान शेरपुर खानाजादपुर, कीरतपाल भैंसराऊ, शाहजमां खान पिठौरी और सन्नवर प्रधान सरदाहेड़ी आदि मुख्य रूप से मौजूद रहे।
डीलर ने नहीं बांटा मिट्टी का तेल
बेहट। खिड़का जुनारदार गांव के निलंबित चल रहे उचित दर विक्रेता द्वारा मई माह में उठाए गए एक हजार मिट्टी तेल का वितरण न होने की शिकायत ग्रामीणों द्वारा डीएम से की गई है ।
ग्रामीणों ने मांग की है, कि उक्त मिट्टी तेल निलंबित विक्रेता से वापस लिया जाए और उसका गांव में वितरण कराया जाए। डीएम से की गई शिकायत में तहसील बेहट क्षेत्र खिड़का जुनारदार गांव के प्रधान मुद्स्सिर, हाजी रियासत, जब्बार, परवेज, प्रमोद राणा आदि का कहना है कि उनके गांव के उचित दर विक्रेता द्वारा 13 मई को कुल 2450 लीटर मिट्टी तेल में से एक हजार लीटर मिट्टी तेल का उठान किया गया था।
इसके वितरण से पहले 20 मई को ग्रामीणों की शिकायत पर एसडीएम ने विक्रेता की दुकान का अनुबंध पत्र निलंबित करते हुए उसका अटैचमेंट पास के गांव संसारपुर के उचित दर विक्रेता की दुकान से कर दिया था।
31 मई को संसारपुर के उचित दर विक्रेता द्वारा उनके गांव में मात्र 1450 लीटर मिट्टी तेल का वितरण किया गया, जबकि वितरण 2450 लीटर का होना था। ग्रामीणों ने डीएम से मांग की कि निलंबित उचित दर विक्रेता से एक हजार लीटर मिट्टी तेल वापस लिया जाए और उसका गांव में वितरण कराया जाए।