संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर/गागलहेड़ी/बिहारीगढ़। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के लोकार्पण के बाद पहले ही दिन वाहन फर्राटा भरते दिखाई दिए। दोपहर के समय एक मिनट में 25 से 30 वाहन इससे गुजरे।
एक्सप्रेसवे पर नियमों की धज्जियां भी जमकर उड़ी। दोपहिया वाहन, बाइक रेहड़ा, ट्रैक्टर-ट्रॉली जैसे कम स्पीड वाले प्रतिबंधित वाहन भी धड़ल्ले से चलते दिखाई दिए। अवैध कटों के पास एक्सप्रेसवे पर ही ट्रक खड़े हैं। रेस्ट एरिया में यात्री सुविधाओं के नाम पर अभी कुछ नहीं है। कई जगहों पर ओवरब्रिज पर चढ़ते और उतरते समय भी वाहन हिचकोले खाते हैं। जिले से गुजर रहे एक्सप्रेसवे के 74 किमी के हिस्से पर बुधवार को चार रिपोर्टरों ने सफर करते हुए इसकी गहनता से पड़ताल की।
n 23 कट कराए थे बंद, छह ने फिर लिए खोल : गागलहेड़ी में लाखनौर से हरोड़ा अंडरपास तक पहले 23 अवैध कट ढाबों और खेतों के रास्तों पर बने थे, जिन्हें हाल ही में बंद कर दिया गया था, लेकिन अब फिर से छह जगह कट खोल लिए गए हैं। लाखनौर पुल की सड़क कई जगह से क्षतिग्रस्त है, जिस पर जगह-जगह मरम्मत की गई है, लेकिन यह 100 की रफ्तार पर दौड़ रही कारों के लिए चालक की जरा सी लापरवाही पर बड़े हादसे की वजह बन सकती है। पुल की एक साइड तो कई इंच नीचे तक धंस गई है।
n फ्लाईओवर पर सड़क धंसी, अंडरपास पर सुरक्षा के उपाय नहीं : बिहारीगढ़ में रसूलपुर अंडरपास से गणेशपुर टोल प्लॉजा तक 15 किमी की दूरी में 10 अवैध कट मौजूद हैं। पांच अंडरपासों पर सुरक्षा उपाय नहीं किए गए हैं। न तो स्पीड ब्रेकर बने हैं और न ही साइड मिरर लगाए गए हैं। सुंदरपुर फ्लाईओवर पर सड़क का एक हिस्सा बीच से धंस गया है। यहां 50 की स्पीड पर भी वाहन हिचकोले खाता है। गणेशपुर टोल प्लाजा के पास भी एक्सप्रेसवे की सड़क उखड़ी है, जो दोपहिया वाहन चालकों के लिए जोखिम भरी साबित हो सकती है। मनोहरपुर के रेस्ट एरिया में सड़क मार्ग के दोनों तरफ ईंटें नहीं बिछाई गई हैं। रेस्ट एरिया पर भी केवल सड़क बना कर छोड़ दी गई है। यहां सुविधाओं के नाम पर खाली मैदान पड़ा है। प्रस्तुति : मोहित शर्मा, अशोक पुंडीर, अशोक वर्मा, दुर्गेश शर्मा