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किशोरों के हाथों में वाहन, खतरे में डाल रहे जान

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बिना हेलमेट के बाइक पर जाते युवा - फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर। सड़क हादसे में किसी घर का चिराग न बुझे, इसके लिए संभागीय परिवहन विभाग सड़क सुरक्षा सप्ताह चला रहा है। मगर, इसके बाद भी नागरिकों की लापरवाही देखने को मिल रही है। जिले भर में बड़ी संख्या में किशोर और छात्र वाहनों को तेजी से दौड़ाते हुए देखे जा सकते हैं। पूर्व में हादसे भी हो चुके हैं, लेकिन इसके बाद भी अभिभावक अपने नाबालिग बच्चों को वाहन थमा देते हैं। महानगर में शुक्रवार को अमर उजाला ने इसकी पड़ताल की तो बड़ी संख्या में कोर्ट रोड, अंबाला रोड, हकीकतनगर, रेलवे रोड, जीपीओ रोड, दिल्ली रोड, खलासी लाइन, नुमाइशकैंप, चकराता मार्ग सहित अनेक इलाकों में छात्र और किशोर तेजी से दुपहिया वाहन दौड़ाते हुए नजर आए। इन्होंने हेलमेट भी नहीं लगा रखा था।
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पांच हजार किशोरों के कटे चालान, फिर भी नहीं सुधर रहे
यातायात पुलिस चेकिंग अभियान चलाकर 18 वर्ष कम उम्र के किशोरों के वाहन चलाने पर चालान काटकर कार्रवाई करती है। एक वर्ष में इस तरह पांच हजार चालान काटे जा चुके हैं। यातायात माह में खासकर स्कूलों में कार्यक्रम आयोजित कर जागरूक किया जाता है। इसके बाद भी अभिभावक बच्चों के हाथों में वाहन थमा देते हैं।
हो चुकी हैं कई घटनाएं
-- दिल्ली रोड पर एक माह पूर्व 16 वर्षीय रवि श्रीवास्तव निवासी स्टेट बैंक कॉलोनी बाइकों की टक्कर में घायल हुआ था।
-- फरवरी में चिलकाना रोड पर कंबोहका पुल निवासी 17 वर्षीय नदीम घायल हुआ, जिसकी उपचार के दौरान मौत हुई।
-- जनवरी में कोर्ट रोड पर मिशन कंपाउंड निवासी 14 वर्षीय जितेंद्र बांगा और 15 वर्षीय वंश तनेजा कार से टकराने पर गंभीर रूप से घायल हुए थे।
-- नवंबर 2021 घंटाघर निवासी 16 वर्षीय ऋतिक की ट्रक की चपेट में आकर जान गई।
-- अक्तूबर 2021 में बेहट रोड पर महेश्वरी के पास बाइक अनियंत्रित होने पर 15 वर्षीय सगीर की मौत हुई।
झपकी भी सुला रही मौत की नींद, एक साल में 18 की मौत
लंबे सफर में थकान और घर पहुंचने की जल्दबाजी में नींद की झपकी लगने पर जिले में एक वर्ष में 18 लोगों की मौत हो चुकी है। पिछले वर्ष अक्तूबर माह में अंबाला रोड स्थित मेला गुघाल पुल से उतरते समय चालक को नींद की झपकी लगने पर कार ट्रक में जा घुसी थी। एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हुई थी। इसी तरह रामपुर मनिहारान क्षेत्र में नींद आने पर हाइवे लुधियाना निवासी सरदार प्रीत सिंह और गुर बहादुर की मौत हुई थी, जो हरिद्वार से कार से पंजाब लौट रहे थे। यह हादसे चालक के झपकी लगने पर हुए हैं। यह लोग अगर नींद पूरी कर सफर करते तो शायद इनकी जान बच जाती।
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होना होगा जागरूक
18 वर्ष से कम उम्र वाले किशोरों को वाहन चलाने की अनुमति उनके अभिभावकों को नहीं देनी चाहिए। यातायात पुलिस और संभागीय परिवहन विभाग इसके प्रति लोगों को जागरूक करता है, लेकिन इसके बाद भी लोगों की लापरवाही देखने को मिलती है, जो हादसे की वजह बनती है। - प्रेमचंद, एसपी ट्रैफिक

बिना हेलमेट के कोर्ट रोड़ बाइक पर जाते छात्र- फोटो : SAHARANPUR

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