सहारनपुर। मांगों को लेकर विभिन्न संगठनों ने हड़ताल रखकर कर्मचारियों के समस्याओं के समाधान की मांग की।
उत्तर प्रदेश किसान सभा, उत्तर प्रदेश खेत मजदूर यूनियन, आंगनबाड़ी कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति को भेजे ज्ञापन में कहा कि 21 हजार मासिक न्यूनतम वेतन लागू कराया जाए। निजीकरण पर रोक लगाई जाए और बेरोजगारी को खत्म किया जाए। बढ़ती महंगाई पर अंकुश लगाया जाए। किसानों को फसलों के लाभकारी दाम दिए जाएं। इस दौरान राव दाउद खान, नवनीत सिंह, सुरेंद्र कुमार, कुर्रत, रजनी राणा, अब्दुल मलिक, शमशाद, दर्शन लाल, धर्मेंद्र कौसर, मेहताब, अब्दुल्ला, शौकीन, शाहिद, परवेज मौजूद रहे।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के तत्वावधान में कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार विद्युत निगम कार्यालय पर प्रदर्शन किया। उन्होंने इलेक्ट्रीसिटी एक्ट में किए जा रहे संशोधन और निजीकरण का विरोध जताया। अध्यक्षता अधीक्षण अभियंता पंकज श्रीवास्तव ने की। इस दौरान क्षेत्रीय सचिव प्रणव, विकार अहमद, एके शर्मा, सिकंदर यादव, अरुण कुमार, अनिल कुमार, मुकेश कुमार मौजूद रहे।
उधर, उत्तर प्रदेश उत्तराखंड मेडिकल एंड सेल्स एसोसिएशन के नेतृत्व में दवा प्रतिनिधियों ने हड़ताल रखकर न्यूनतम वेतन 21 हजार रुपये किए जाने की मांग की। इसके अलावा कार्य के आठ घंटे निर्धारित करने की मांग उठाई। अध्यक्षता मनीश साहनी ने की। इस दौरान अनिल गुप्ता, शम्मी, रोहित, मनेेज सचदेवा, अनुराग भटनागर, उज्ज्वल झा, आलोक, शुभम शर्मा, अंशुल मौजूद रहे।
नार्दर्न रेलवे मेंस यूनियन के प्रधान फूल सिंह के नेतृत्व में कर्मचारियों ने रेल बचाओ, देश बचाओ नारे के साथ प्रदर्शन किया। इसके साथ ही कर्मचारियों के समस्याओं के समाधान की मांग की। इस दौरान राजकुमार, दुष्यंत कुमार, इंद्रजीत अनेजा, सुखविंद्र सिंह, कृष्ण कुमार, जगपाल सिंह, इरफान मौजूद रहे।