मृतक धर्मवीर नकुड़ में बाइक मैकेनिक की दुकान करता था, जबकि विनीत हिमाचल के धर्मशाला स्थित बैजनाथ कंपनी में बतौर इंजीनियर तैनात था। वह कोरोना काल से घर पर ही रहकर कार्य कर रहा था। मृतक के परिजनों ने बताया कि उन्हें माता वैष्णो के दर्शन के बाद हिमाचल में घूमकर तीन जनवरी को घर लौटना था।
मृतक धर्मवीर पिछले करीब पंद्रह वर्ष से लगातार धार्मिक यात्राएं कर रहा था। परिजनों से आख़िरी बार उनकी बात गुरुवार को हुई थी जब वह चंडीगढ में थे। जैसे गांव में हादसे की जानकारी मिली पूरे गांव में मातम पसर गया।
मृतक धर्मवीर के घर में माता पिता व पत्नी के अलावा 9 व 7 वर्ष के दो पुत्र हैं, जबकि विनीत के घर केवल उसके पिता है। सूचना के बाद परिजन कटरा के लिए रवाना हो गए।