कोरोना काल में प्रभावित हुआ नियमित टीकाकरण
सहारनपुर। बच्चों को जन्म के तुरंत बाद से लगने वाले नियमित टीकों पर कोरोना का प्रभाव रहा है। करीब दो माह के संपूर्ण लॉकडाउन में बच्चों को लगने वाले नियमित टीकों में गिरावट रही है। अधिकारी मई माह के बाद टीकाकरण की स्थिति सामान्य होने का दावा कर रहे हैं।
कोरोना काल में एसबीडी जिला अस्पताल में प्रसव भी बेहद कम रहे हैं, जिनमें 50 फीसदी से अधिक की गिरावट आई थी। कई गर्भवतियों और स्टाफ सदस्यों के कोरोना संक्रमित आने से कई बार लेबर रूम को बंद भी रखना पड़ा, मगर संपूर्ण लॉकडाउन में भी जो बच्चे पैदा हुए हैं उनको जन्म के तुरंत बाद लगने वाला बीसीजी, ओरल पोलियो वैक्सीन और हेपेटाइटिस बी की खुराक दी गई है। नियमित टीकाकरण इससे खासा प्रभावित रहा है, जिसे लेकर विशेषज्ञ चिकित्सक भी चिंतित हैं। चिकित्सकों का कहना है कि टीके लगना ही नहीं, बल्कि टीकों का उत्पादन भी कोरोना काल में प्रभावित रहा है। हालांकि सहारनपुर में टीकों की कोई कमी अभी तक नहीं हुई है। मई माह से टीकाकरण ने गति पकड़ी है। वर्तमान में स्थिति सामान्य है। प्राप्त आंकड़ों के अनुसार जनपद में कुल 35821 गर्भवतियों में से 30.8 फीसदी को जरूरी टीके लगाए जा चुके हैं। इसी प्रकार 33050 बच्चों में से 32.7 फीसदी बच्चों को नियमित टीके लगाए जा रहे हैं।
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पोलियो अभियान स्थगित
20 सितंबर से 28 सितंबर तक विशेष पोलियो अभियान चलाया जाना था। इसके तहत चिकित्सा विभाग की टीमों को घर-घर जाकर जन्म से पांच वर्ष तक के बच्चों को पोलियो खुराक पिलानी थी, मगर कोरोना के चलते इसे स्थगित कर दिया गया है।
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दिन बदलकर लगाए टीके
कुछ टीके ऐसे हैं, जिनको लगाने लिए बुधवार और शनिवार का दिन तय है। बीते दिनों प्रदेश भर में शनिवार को लॉकडाउन रहा। ऐसे में विभाग ने बुधवार के साथ शनिवार की जगह सोमवार को टीके लगाए।
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कोरोना काल में संपूर्ण लॉकडाउन के दौरान तमाम चीजों के साथ टीकाकरण भी प्रभावित रहा है। सरकार ने भी इस पर मंथन किया है, जिसके बाद मई से टीकाकरण के सत्र शुरू किए गए हैं। वर्तमान में स्थिति पूरी तरह सामान्य है। प्रत्येक सोमवार को टीकाकरण की रिपोर्ट शासन को जा रही है।
डॉ. सुनील वर्मा, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी।