हरिद्वार स्थित हर की पौड़ी फाइल (फाइल फोटो)
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सहारनपुर। विश्व प्रसिद्ध हर की पौड़ी, वीआईपी घाट और भीम गोड़ा बैराज भले ही उत्तराखंड का हिस्सा हों, लेकिन यह जानकर आप भी हैरान होंगे कि उन पर अधिपत्य आज भी उत्तर प्रदेश के सिंचाई विभाग का है।
देश भर से जो भी वीआईपी वहां पहुंचते हैं, उनका कार्यक्रम बेशक हरिद्वार जिला प्रशासन के पास पहुंचता हो, लेकिन घाट की तमाम व्यवस्थाएं सिंचाई विभाग उत्तर प्रदेश ही करता है, जिसके लिए पूरी टीम है। हरिद्वार में सिंचाई विभाग उत्तर प्रदेश का गेस्ट हाउस भी है, जहां वीआईपी ठहरते हैं। हर की पौड़ी, वीआईपी घाट आदि की मरम्मत और देखरेख उत्तर प्रदेश ही करता है।
हरिद्वार और रुड़की से होकर गुजरने वाली गंगा सहित अन्य नहर और नदियों का पानी उत्तर प्रदेश में आता है। चूंकि मुख्य नहर गंगा का सबसे अधिक लाभ उत्तर प्रदेश को मिलता है। ऐसे में वहां बंटवारे के पहले से संचालित सिंचाई विभाग के कार्यालय आज भी वैसे ही चल रहे हैं, जैसे पहले चलते थे।
हरिद्वार और रुड़की में सिंचाई विभाग उत्तर प्रदेश के आठ कार्यालय हैं। इनमें से छह कार्यालयों के अधिकारियों और कर्मचारियों का वेतन सहारनपुर से निकलता है, जिनके डीडीओ यानी आहरण वितरण अधिकारी अपर डिविजन पूर्वी यमुना नहर सहारनपुर के अधिशासी अभियंता हैं। सहानपुर की ट्रेजरी से ही वेतन जारी होता है।
दो कार्यालयों के अधिकारियों के डीडीओ बिजनौर में बैठते हैं। यानी दो कार्यालयों के अधिकारियों और कर्मचारियों का वेतन बिजनौर से जारी होता है। भविष्य में भी यह व्यवस्था ऐसे ही रहने की संभावना है। (संवाद)