विश्व कल्याण की दुआ के साथ हजरत कुतब ए आलम के सालाना उर्स के कार्यक्रम समाप्त हो गए। इसके साथ ही जायरीनों की वापसी हो गई।
हजरत कुतब ए आलम का 496 वें उर्स के कार्यक्रम रविवार को शुरू हुए थे। पांच दिन तक चले कार्यक्रमों का बृहस्पतिवार को समापन हो गया। इससे पूर्व बुधवार की रात में दरगाह हजरत कुतब ए आलम के सज्जादानशीं के आवास से शाही चादर का जुलूस निकला। सैकड़ों अकीदतमंदों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम में भाग लेने वालों में कार्यकारी नोमान मसूद, पप्पू मियां, सन्नी आदि शामिल रहे। दरगाह पर पहुंच कर अकीदतमंदों के साथ सज्जादानशीं ने विश्व शांति की दुआ की। दरगाह में रातभर कव्वालियों का सिलसिला चला। तड़के चार बजे जिस समय कव्वालों द्वारा कुतब ए आलम तोरा मेला बिछड़ा जाए ....... पढ़ा तो माहौल भावुक हो उठा, अगले साल मिलने की तमन्ना के साथ ही कव्वालियों का समापन हो गया।
सुबह कुल शरीफ हुआ व तबर्रुक तकसीम किया। उर्स के कार्यक्रमों की समाप्ति के साथ ही नगर के विश्राम गृह व धर्मशालाएं जायरीनों से खाली हो गए। उर्स के कार्यक्रमों के समापन के बाद भी हालांकि मेले में रौनक बरकरार है। बच्चे और बड़े मेले में तमाशों का भरपूर मजा ले रहे हैं।