सहारनपुर। आईसीसीसी (इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर) के तहत स्थापित पॉप लोकेशन से यूपीएस और बैट्री चोरी कर लिए जाने से चकराता रोड और बेहट रोड पर लगे सभी सीसीटीवी कैमरे बंद हो गए। इससे शहर की सुरक्षा प्रभावित रही। हालांकि पुलिस ने घटना का खुलासा कर दिया है। एक चोर को पकड़ने के साथ ही उसके पास से यूपीएस और बैट्री बरामद की गई हैं।
स्मार्ट सिटी योजना के तहत नगर निगम परिसर में आईसीसीसी स्थापित किया गया है। शहर का यातायात इसी सेंटर से संचालित होता है। महानगर में लगे करीब 900 सीसीटीवी कैमरे और ट्रैफिक सिग्नल के साथ लगे हाई रिजोल्यूशन कैमरे भी आईसीसीसी से ही जुड़े हुए हैं। यानी आईसीसीसी में बैठक पूरे शहर के मार्गों और चौराहों पर नजर रखी जा रही है। इससे शहर की सुरक्षा भी बढ़ी है, लेकिन आईसीसीसी के तहत बेहट अड्डे पर बनी पॉप लोकेशन लगातार चोरों के निशाने पर है।
यहां से तीसरी बार सात सितंबर की सुबह चार बजे चोरों ने ताला तोड़कर यूपीएस और आठ बैट्री चोरी कर ली। इससे चकराता रोड और बेहट रोड के सीसीटीवी कैमरे बंद हो गए। पॉप लोकेशन पर तैनात आसिफ अंसारी की ओर से नगर कोतवाली में तहरीर दी गई। उन्होंने खुद बताया कि चोरों ने पॉप लोकेशन को तीसरी बार निशाना बनाया है।
करीब तीन महीने पहले भी यहां से यूपीएस और बैट्री चोरी हुई थी। कैमरों में घटना कैद हुई थी, जिसके बाद चोर को पकड़ लिया गया था। इस बार भी मुकदमा दर्ज होने के बाद एसपी सिटी और सीओ प्रथम के निर्देशन में पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस नने शाजेब उर्फ शाहजेब पुत्र रहीश निवासी नूर बस्ती थाना कोतवाली नगर को ढमोला नदी पुल से पकड़ा है। उसकी निशानदेही पर यूपीएस और पांच बैट्री बरामद की गई हैं। हालांकि आठ बैट्री चोरी हुई थी। उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कोर्ट में पेश किया गया। उधर, देर शाम तक भी बेहट रोड और चकराता रोड के कैमरे चालू नहीं हो सके थे।
शहर की सुरक्षा का दावा, खुद का सामान हो रहा चोरी
स्मार्ट सिटी योजना के तहत महानगर में करीब 900 कैमरे लगाए गए हैं। दावा है कि कैमरों के जरिए पूरे शहर की सुरक्षा बढ़ी है। अपराधी घटना को अंजाम देने के बाद यदि किसी भी मार्ग से गुजरता है तो वह कैमरे में कैद हो जाएगा, लेकिन स्मार्ट सिटी योजना की संपत्तियों की ही सुरक्षा नहीं हो पा रही है। जिला अस्पताल के पीछे की सड़क पर स्मार्ट सिटी योजना के तहत सोलर लाइटें लगाई गई थी, जिनमें से ज्यादातर की बैट्री चोरी हो चुकी हैं, जिन पर किसी का ध्यान नहीं है।