- सूची से कम गांवों को छूट की बात पर क्षेत्रवासियों ने जताया रोष
- क्षेत्र के 50 गांवों को टोल टैक्स से मुक्त करने की उठाई गई है मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
सरसावा। हाईवे पर टोल टैक्स में राहत को लेकर चल रहे विवाद के बीच रविवार को एसडीएम सहित अन्य अधिकारियों की क्षेत्र के ग्रामीणों के साथ वार्ता शुरू हुई। इसमें तीन दिन की समय सीमा पूरी होने के बाद क्षेत्र के गांवों को टोल टैक्स से राहत दिलाने की मांग की गई। लेकिन मांग से कम गांवों को राहत की बात कहे जाने पर काफी हंगामा हुआ।
रविवार शाम साढ़े बजे सरसावा सहकारी चीनी मिल के अतिथि गृह में एसडीएम हिमांशु नागपाल और सीओ अरविंद पुंडीर की मौजूदगी में एक बार फिर टोल टैक्स वसूली के मामले में कंपनी के अधिकारियों और क्षेत्रीय लोगों के बीच बातचीत की गई। इसमें अखिल भारतीय प्रधान संगठन के कमलजीत सिंह ने लिखित रूप से 50 गांवों को टोल टैक्स मुक्त करने की मांग की। एसडीएम ने इसे खारिज कर दिया और 12 गांवों और नगर सरसावा को टोल टैक्स से राहत की बात कही। इस बात को लेकर क्षेत्रवासियों ने कुछ देर तक हंगामा किया। क्षेत्रवासियों ने कहा कि सभी गांव टोल टैक्स बैरियर के 10 किलोमीटर के दायरे में हैं जबकि मात्र 12 गांवों को टोल टैक्स मुक्त करने की बात कही जा रही है जो भौगोलिक रूप से पूरी तरह गलत है। टैक्स मामले में अंतिम निर्णय के लिए अभी वार्ता जारी है।
इस मौके पर सहकारी पूर्व सपा जिलाध्यक्ष जगपाल दास चीनी मिल के उपाध्यक्ष प्रतिनिधि ठाकुर भीम सिंह, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष इरशाद चौधरी, सहकारी गन्ना विकास समिति के पूर्व अध्यक्ष राकेश चौधरी, संजय चौधरी, अरविंद राणा, बलविंदर सिंह आदि मौजूद रहे।