सहारनपुर। दिल्ली रोड स्थित एक अस्पताल में मरीज को खाली ऑक्सीजन का सिलिंडर लगाने पर हंगामा हो गया, जबकि मरीज के परिजन भरा सिलिंडर लेकर पहुंचे थे, लेकिन अस्पताल की ओर से उस सिलिंडर का इस्तेमाल नहीं किया गया। कोतवाली सदर बाजार पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामला शांत कराया।
नुमाइश कैंप निवासी सुशीला की तबियत दो दिन पूर्व खराब हो गई थी और उनका ऑक्सीजन लेवल सामान्य से नीचे हो गया। सुशीला के पुत्र प्रवीन ने बताया कि मां को दिल्ली रोड स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। अस्पताल ने उनकी मां को रेफर कर दिया। मां को यमुनानगर के एक अस्पताल में ले जाने के लिए उन्होंने एक ऑक्सीजन सिलिंडर की व्यवस्था की। शाम के समय अस्पताल प्रबंधन की ओर से सुशीला को रेफर किया गया। प्रवीन व उनके साथी ऑक्सीजन का भरा सिलिंडर लेकर अस्पताल पहुंच गए। प्रवीन का कहना है कि अस्पताल के दूसरी मंजिल में बने वार्ड में उनकी मां भर्ती थी, जिन्हें नीचे लाने के दौरान प्रवीन ने अस्पताल प्रबंधन से उनका ऑक्सीजन सिलिंडर लगाने के लिए कहा। प्रवीन का आरोप है कि अस्पताल की ओर से उनकी मां को खाली सिलिंडर लगा दिया गया, जबकि वह अपना भरा हुआ सिलिंडर लेकर पहुंचे थे, जिसका अस्पताल ने इस्तेमाल नहीं किया। अस्पताल की ओर से लापरवाही बरती गई। इसी बात को लेकर अस्पताल के डाक्टरों व स्टाफ की मरीज के परिजनों से कहासुनी हो गई। पता लगने पर उनके रिश्तेदार भी वहां पहुंच गए और हंगामा हो गया। सूचना पर कोतवाली सदर बाजार इंस्पेक्टर हरेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे और मामला शांत कराया। इसके बाद परिजन सुशीला को यमुनानगर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराने के लिए ले गए। सीओ द्वितीय दुर्गा प्रसाद तिवारी ने बताया कि खाली सिलिंडर लगाने को लेकर विवाद हुआ था। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामला शांत करा दिया है।