सहारनपुर। जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में अत्यधिक संख्या में मरीजों के पहुंचने के चलते स्थिति नियंत्रण से बाहर हो रही है। आलम यह है कि किसी भी कारण से हो रही मरीजों की मौत पर परिजन हंगामा और डॉक्टरों के साथ गाली-गलौज कर रहे हैं। शुक्रवार को भी कई मरीजों की मौत होने के बाद परिजनों ने हंगामा किया और तोड़फोड़ तक कर दी।
इमरजेंसी वार्ड की ओपीडी में प्रतिदिन 300 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं, जिनमें सौ से अधिक गंभीर मरीज होते हैं, जिन्हें भर्ती किया जा रहा है। दस बेड के इमरजेंसी वार्ड में 100 मरीजों को कैसे भर्ती किया जा रहा होगा या आसानी से समझा जा सकता है। एक-एक दिन में 120 सिलिंडर तक ऑक्सीजन खर्च हो रही है। ऐसे में विभागीय अधिकारियों ने उच्चाधिकारियों से और ऑक्सीजन की मांग की है। बृहस्पतिवार की रात 12 बजे के बाद इमरजेंसी वार्ड में दो महिला मरीजों ने दम तोड़ा। मौत की वजह क्या रही इसका पता नहीं चल सका है, मगर चर्चा रात में अचानक ऑक्सीजन खत्म हो जाने की है। हालांकि विभागीय अधिकारी ऑक्सीजन खत्म होने की बात से इंकार कर रहे हैं। शुक्रवार की सुबह जब इमरजेंसी वार्ड की पड़ताल की गई तो ऑक्सीजन के सिलिंडर उपलब्ध थे। शुक्रवार की दोपहर भी एक मरीज की मौत होने के बाद तीमारदारों ने महिला स्टाफ के साथ गाली-गलौच की। साथ ही तीमारदारों ने दवा रखने की स्टैंड वाली बड़ी ट्रे को धक्का देकर दवाइयां गिरा दी। ऐसे में महिला स्टाफ ने उच्चाधिकारियों को फोन पर इसकी जानकारी दी।
मौत की वजह अन्य बीमारियां रही हैं। ऑक्सीजन का स्तर भी कम था, मगर हमारे पास पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन सिलिंडर हैं। जिस भी मरीज का ऑक्सीजन स्तर कम आ रहा है उसे तुरंत ऑक्सीजन दी जा रही है। इसके बाद भी तीमारदार हंगामा और स्टाफ के साथ बदसलूकी कर रहे हैं। - डॉ. आभा वर्मा, सीएमएस, एसबीडी जिला अस्पताल।