संगीत सोम ने कहा कि हमारे ऊपर उस समय की मुगलिया सरकार ने मुकदमा दर्ज किया था। अखिलेश यादव सनातनियों को आपस में लड़ाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन ऐसा नहीं होगा। अखिलेश सरकार में आंतकियों और बदमाशों को पनाह दी जाती थी। पुलिस से छीनी गई एके-47 भी आंतकियों को दे दी होगी।
मीडियाकर्मियों ने जब सवाल किया कि रामगोपाल यादव ने ईद के बाद आंदोलन करने का बयान दिया था। इस पर उन्होंने कहा कि आंदोलन करने वालों को सनातनी दौड़ा-दौड़ाकर पीटेंगे, जो गलत है वह गलत है। राणा सांगा पर दिए बयान पर उन्होंने कहा कि रामजी लाल सुमन का बयान उनका नहीं है। उनके बयान को उछाला जा रहा है। असली बयान तो अखिलेश यादव का है। देश का कोई भी सनातनी राणा सांगा पर दिए इस बयान का समर्थन नहीं कर सकता। अखिलेश यादव को राणा सांगा पर टिप्पणी करना बहुत भारी पड़ेगा। कहा कि सपा नेताओं की बुद्धि भ्रष्ट हो गई है।
यह था मामला
देवबंद में 17 जुलाई 2013 को मंगलौर रोड स्थित मानकी मंदिर में पंचायत हुई थी। आरोप है कि संगीत सोम व अन्यों की ओर से सांप्रदायिक माहौल को बिगाड़ने के लिए भड़काऊ भाषण दिए गए। इसके बाद पुलिस ने संगीत सोम समेत अन्य दस लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। इसी मुकदमे में सोमवार को तारीख लगी थी, जिस पर संगीत सोम पेश हुए। पहले यह मामला देवबंद कोर्ट में चल रहा था, जिसे बाद में सहारनपुर स्थानांतरित कर दिया गया। अब इस मामले में अगली सुनवाई 22 अप्रैल को होगी।
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