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यूपी-उत्तराखंड : बंटवारे के बाद संपत्तियों का बंटाधार, 144 और 15 के फेर में फंसा विभाग

Thu, 29 Oct 2026 01:42 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
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सहारनपुर। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बंटवारे को 26 साल बीत चुके हैं, लेकिन सरकारी संपत्तियों का हिसाब आज भी उलझा हुआ है। उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद की देहरादून स्थित संपत्तियों को लेकर ऐसा ही बड़ा झोल सामने आया है। सहारनपुर कार्यालय के रिकॉर्ड में जहां 144 संपत्तियां दर्ज हैं, वहीं देहरादून के अधिकारी इनकी संख्या महज 15 बता रहे हैं। सवाल यह है कि आखिर 129 संपत्तियां कहां चली गईं। अधिकारियों के विरोधाभासी बयानों ने पूरे मामले को संदेह के घेरे में खड़ा कर दिया है।
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दरअसल, उत्तराखंड राज्य बनने से पहले देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश, रुड़की और श्रीनगर समेत कई क्षेत्रों में आवास एवं विकास परिषद की संपत्तियों का काम सहारनपुर कार्यालय से संचालित होता था। वर्ष 2000 में उत्तराखंड अलग राज्य बना तो परिषद की कई योजनाएं और खाली संपत्तियां नए राज्य में रह गईं। इसके बाद संपत्तियों के बंटवारे और निस्तारण का मामला लंबित होता चला गया। अकेले देहरादून में नेहरू नगर, इंदिरा नगर और राजपुरा रोड स्थित दून विहार आवासीय योजनाओं में करीब 144 ऐसे भूखंड बताए जा रहे हैं, जिनकी बिक्री अब तक नहीं हुई है। इनकी अनुमानित कीमत 140 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। इन संपत्तियों में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद की है। इसके बावजूद इनकी वास्तविक स्थिति को लेकर दोनों कार्यालयों के अधिकारियों के पास एक जैसी जानकारी तक नहीं है।

यह उठ रहे सवाल
ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि जब एक ही विभाग के दो कार्यालयों के पास संपत्तियों का अलग-अलग ब्योरा है तो आखिर इनकी देखरेख कौन कर रहा है। 144 संपत्तियों की सूची का भौतिक सत्यापन कब हुआ, कितने भूखंड खाली हैं, कितनों पर कब्जा है और कितनों का निस्तारण किया जा चुका है। 140 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की संपत्तियों को लेकर विभाग के पास स्पष्ट जवाब नहीं होना सरकारी संपत्तियों की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
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वर्जन
उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद की देहरादून में करीब 144 संपत्तियां हैं। ठीक से निगरानी नहीं हो पाने की वजह से अनेक संपत्तियों पर कब्जा होने की भी सूचना है, जिससे उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है।
महामहिंद, संपत्ति प्रबंधक, आवास एवं विकास परिषद सहारनपुर
देहरादून में आवास एवं विकास परिषद की ऐसी करीब 15 संपत्तियां हैं, जिनमें उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद की हिस्सेदारी है। हमें लगता है कि पूरे उत्तराखंड में 144 संपत्तियां नहीं होंगी, जिनका बंटवारा होना है।
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- विनोद कुमार, अधिशासी अभियंता, आवास एवं विकास परिषद, देहरादून
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