Saharanpur News: देवबंद तहसील के विभिन्न गांवों में सरकारी भूमि पर कब्जा कर अवैध पक्के निर्माण कर लिए गए। 13 जुलाई तक संबंधित पक्ष देवबंद तहसीलदार कक्ष में उपस्थित होकर अपना पक्ष रख सकते हैं।
सरकारी भूमि पर कब्जा कर बनाई गई मस्जिद और मदरसों पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। देवबंद तहसील में 11 मामलों में से छह में प्रशासन ने मस्जिद एवं मजार को नोटिस दिया है। साथ ही अन्य पांच में मामला विचाराधीन है। छह अवैध निर्माण को हटाने के लिए जिला प्रशासन ने 15 दिन का समय दिया है। इसके बाद प्रशासन स्वयं जमीन को कब्जा मुक्त कराएगा।
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प्रशासन द्वारा चिह्नित की गई इन सरकारी जमीनों पर कब्जा कर मस्जिद और मदरसे बना लिए गए। शिकायत होने के बाद प्रशासन ने जांच कराई। जांच में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे की बात सामने आई। इसके बाद सभी को नोटिस जारी किए गए हैं। देवबंद तहसील के गांव सोहनचिड़ा में वर्ष 2012 में करीब 0.0172 हेक्टेयर भूमि पर अवैध मस्जिद बना ली गई। जमीन का वर्तमान में मूल्य 11.52 लाख रुपये है। देवबंद तहसीलदार ने मस्जिद के मुतवल्ली अहसान को नोटिस जारी किया है। नोटिस में उन्हें 25 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति जमा करने को भी कहा गया है।
इसी तरह ग्राम पांडौली में भी करीब 0.0300 हेक्टेयर भूमि पर मस्जिद बनाकर पक्का निर्माण किया गया है। वर्तमान में इस संपत्ति का बाजारी मूल्य करीब 20.01 लाख रुपये आंका गया है। कुछ इसी तरह का मामला गांव छलौली परगना नागल तहसील देवबंद का है। यहां पर भी सरकारी भूमि 0.2900 हेक्टेयर पर अवैध पक्का मदरसा बना लिया गया। इस निर्माण से राजस्व विभाग को करीब 19.69 लाख रुपये की क्षति पहुंची है।
तहसील देवबंद के ही गांव अंबेहटा शैखा में कब्जाधिकारियों ने सरकारी जमीन 0.1000 हेक्टेयर पर कब्जा कर मदरसे का निर्माण कर लिया। इससे राजस्व विभाग को करीब 17.50 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। गांव पहाड़पुर में भी सरकारी जमीन पर कब्जा कर मस्जिद बनाई गई। इससे राजस्व विभाग को 41.20 लाख रुपये का नुकसान पहुंचा है।
देवबंद तहसील के गांव अंबैहटा शेखा में मस्जिद का निर्माण कराया गया। कब्जाधारियों ने 0.100 हेक्टेयर जमीन पर अवैध कब्जा कर पक्की मस्जिद का निर्माण कर लिया। इससे राजस्व विभाग को 17.50 लाख रुपये की क्षति पहुंची है।
सभी प्रबंधकों को 13 जुलाई को अपना पक्ष रखने के आदेश
सरकारी भूमि पर कब्जा कर मदरसा और मस्जिद बनाने के बाद देवबंद तहसीलदार ने सभी को अपना पक्ष रखने के लिए समय दिया है। सभी मदरसा और मस्जिद प्रबंधकों को 13 जुलाई तक देवबंद तहसीलदार के समक्ष उपस्थित होकर अपना जवाब देना होगा। जारी नोटिस में यह भी कहा गया है कि यदि निर्धारित समय सीमा में जवाब नहीं दिया जाता तो मामले में एक पक्षीय आदेश पारित किया जाएगा। यदि जमीन पर फसल है तो उसे काट सकते हैं।
ये बोले डीएम
अवैध निर्माणों के खिलाफ जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जहां भी सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा किया गया है। वहां से अवैध कब्जे को हटवाया जाएगा। - अरविंद कुमार चौहान, जिलाधिकारी