नुमाइश कैंप निवासी पारस ने चार दिन पहले जहरीला पदार्थ खा लिया था। परिजन निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां से देहरादून रेफर कर दिया गया था। उस समय सामने आया था कि वह काफी दिनों से मानसिक रूप से तनाव में है। बुधवार को पारस ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
बताया जा रहा है कि कुछ समय पहले पारस की तबीयत खराब हो गई थी। उनके उपचार के लिए बाजार से कर्ज लिया गया था। उनकी पंजाबी मार्केट में कपड़ों की दुकान भी है, लेकिन उनका रुपया बाजार में फंसा हुआ था। इसी कारण वह कर्ज नहीं चुका पा रहे थे। चर्चा है कि इसी वजह से यह कदम उठाया है।
पारस के परिवार में पत्नी और बेटी के अलावा अन्य सदस्य हैं। वहीं, सीओ प्रथम अशोक सिसोदिया का कहना है कि मामला जानकारी में आया है। तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
पहले भी कर्ज में आत्महत्या कर चुके लोग
जिले में कर्ज के चलते आत्महत्या करने के मामले बढ़ते जा रहे हैं। कर्ज में आत्महत्या करने का यह पहला मामला नहीं है, इससे पहले भी लोग कर्ज में दबकर आत्महत्या कर चुके हैं। 12 अगस्त 2024 को शहर कोतवाली क्षेत्र के किशनपुरा निवासी सौरभ बब्बर और उसकी पत्नी ने हरिद्वार में आत्महत्या कर ली थी। उन पर भी कर्ज था। जनवरी 2025 में कोतवाली देहात क्षेत्र के नन्दी फिरोजपुर निवासी विकास, पत्नी रजनी ने जहर निगल लिया था। बेटी परी, पलक और बेटे विवेक को भी खिलाया था। इसमें पत्नी और बेटे की मौत हो गई थी। इन्होंने कर्ज लिया था।
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