सहारनपुर: शिक्षकों ने फल-सब्जी बेचकर विरोध प्रदर्शन किया।
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आर्थिक तंगी से जूझ रहे मान्यता प्राप्त विद्यालयों के संचालक और शिक्षक साल भर से आर्थिक पैकेज की मांग कर रहे हैं। मांग नहीं माने जाने से नाराज उक्त शिक्षकों ने शुक्रवार को रेहड़ी लेकर फल और सब्जी बेचकर अपना विरोध जताया।
उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त विद्यालय शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. अशोक मलिक के नेतृत्व में विद्यालय संचालक और शिक्षक लेबर कॉलोनी से सब्जी और फलों की रेहड़ियां लेकर शारदानगर तक पहुंचे। उन्होंने राहगीरों को आवाज लगाकर सब्जी और फल बेचे। डॉ. अशोक मलिक ने केंद्र और राज्य सरकार पर रोजगार छीनने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि सरकार ने कोरोना के नाम पर दो साल से विद्यालय बंद किए हुए हैं। विद्यालय बंद होने से विद्यालय संचालक और शिक्षकों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। वह अपने बच्चों के लिए रोटी तक की व्यवस्था मुश्किल से कर पा रहे हैं। बीते वर्ष भी सरकार से मान्यता प्राप्त विद्यालय संचालकों और शिक्षकों के लिए आर्थिक पैकेज की मांग की थी, लेकिन सरकार ने नहीं सुनी। ऐसे में उन्हें प्रदर्शन के लिए मजबूर होना पड़ा है।
केपी सिंह, नीरज रोहिला और समरीन फात्मा ने चेतानी दी कि यदि 30 जून तक आर्थिक पैकेज जारी करने, बिजली का बिल और टैक्स माफ कराने और विद्यालय खोलने के आदेश जारी नहीं किए तो वे खुद निर्णय लेने को मजबूर होंगे। प्रदर्शनकारियों में पदम खटाना, प्रवीण गुप्ता, मुकेश सहजवा, शीषपाल, प्रवीण कुमार, हरेंद्र कुमार, वंदना सैनी, अमजद अली, सरफराज खान, मोहसिन आदि शामिल रहे।