सर्किट हाउस में बैठक करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जन शिकायतों को लेकर कोई भी लापरवाही सहन नहीं होगी। शिकायतकर्ता कार्रवाई से संतुष्ट होना चाहिए, अन्यथा संबंधित अधिकारी की खैर नहीं।
मुख्यमंत्री ने बृहस्पतिवार को सर्किट हाउस सभागार में विकास कार्यों एवं कानून व्यवस्था को लेकर अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि जन शिकायतों, आईजीआरएस और सीएम हेल्पलाइन से प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण ढंग से निस्तारण किया जाए। जनसुनवाई को प्राथमिकता दी जाए। जल जीवन मिशन के तहत जिले के 649 ग्रामों में हुई पेयजल आपूर्ति को जनप्रतिनिधियों को दिखाने के साथ ही प्रशासन भी इसका निरीक्षण करें। सड़कों के पुनर्निर्माण संबंधी कार्यों में देरी न की जाए। अवैध खनन को रोकने के लिए टास्क फोर्स बनाई जाए। सभी तहसीलों एवं थानों में निरंतर समीक्षा की जाए। कोई भी प्राइवेट व्यक्ति तहसील और थानों में कार्य न करे।
उन्होंने बजाज शुगर मिल से बकाया भुगतान को यथाशीघ्र करवाने के निर्देश दिए। प्लाईवुड उद्योगों को स्थापित करने के लिए माहौल बनाया जाए। कोई भी परिषदीय विद्यालय शिक्षक विहीन न रहे। प्रत्येक तीन माह में लोन मेला एवं रोजगार मेले का आयोजन किया जाए।
जिलाधिकारी मनीष बंसल ने एनआरएलएम, शिक्षा, प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी एवं ग्रामीण, मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण, मां शाकंभरी विश्वविद्यालय, खेल कॉलेज बेहट, सरसावा एयरपोर्ट सिविल टर्मिनल आदि के बारे में जानकारी दी। वहीं, एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने कानून व्यवस्था संबंधी जानकारी पीपीटी के माध्यम से दी। पुलिस उप महानिरीक्षक अजय कुमार साहनी ने भी कानून व्यवस्था को बेहतर बनाने के बारे में जानकारी दी।
अपर मुख्य अधिकारी को लगी फटकार
जिला पंचायत अध्यक्ष मांगेराम ने सीएम के सामने अपर मुख्य अधिकारी उपेंद्र कुमार को लेकर शिकायत की। कहा कि अधिकारी समय पर कार्यालय में नहीं बैठते। इस पर सीएम ने कड़ी फटकार लगाई और कहा कि एक सप्ताह में अपनी कार्यप्रणाली को सुधार लें, अन्यथा कार्रवाई के लिए तैयार रहें।