Kairana MP Iqra Hasan: सपा कार्यकर्ताओं को जेल भेजे जाने से नाराज कैराना से सपा सांसद इकरा हसन कोतवाली सदर बाजार में धरने पर बैठ गईं। पुलिस द्वारा सुनवाई न करने पर उन्होंने यहां तक कह दिया कि मुझे गोली मार दो या फांसी चढ़ा दो, लेकिन इंसाफ दो। इकरा हसन कश्यप समाज के युवक की मौत के मामले में उसकी मां को साथ लेकर डीआईजी से मिलने पहुंची थीं, जहां से उन्हें हिरासत में ले लिया गया।
सांसद इकरा हसन के साथ ही पुलिस ने सपा के पूर्व राज्यमंत्री मांगेराम कश्यप, कश्यप एकता मिशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय मेहरा, प्रदेश अध्यक्ष अनुज कश्यप, शीशपाल कश्यप व सत्यपाल कश्यप को हिरासत में ले लिया था। कुछ देर बाद सांसद को छोड़ दिया था, लेकिन हिरासत में लिए गए अन्य छह कार्यकर्ताओं को पुलिस ने जेल भेज दिया। इसकी सूचना जैसे ही सांसद को मिली तो वह कोतवाली सदर बाजार पहुंच गईं और धरना शुरू कर दिया।
एसपी सिटी व्योम बिंदल ने उनसे बात की, मगर सांसद इकरा हसन ने कहा कि जब तक सभी छह लोगों को पुलिस नहीं छोड़ती, तब तक धरना जारी रहेगा। उन्होंने पुलिस अधिकारियों पर संवेदनहीनता का आरोप लगाते हुए कहा आपकी इंसानियत मर चुकी है, हमारी नहीं। दूसरे की पीड़ा पर हंस रहे हैं। सांसद ने कहा कि अधिकारी फोन नहीं उठाते न ही कार्यालयों में आमजन की सुनवाई करते हैं।
धरने में पूर्व सांसद हाजी फजलुरर्हमान, पूर्व विधायक वीरेंद्र ठाकुर, पूर्व विधायक मनोज चौधरी, पूर्व विधायक माविया अली, नकुड़ विधानसभा अध्यक्ष संदीप सैनी, पार्षद फहाद सलीम, टिंकू अरोड़ा, सुदेश गुर्जर, साजिद चौधरी, धर्मवीर खटाना आदि भी रहे।
महिला थानाध्यक्ष से बोलीं सांसद, हाथ मत लगाइए
महिला थाने में थानाध्यक्ष ने सांसद से पानी के लिए पूछा, इस पर सांसद ने कहा मैं पानी पीने नहीं आई हूं। इसके बाद थाने से बाहर आते समय महिला थानाध्यक्ष द्वारा पीठ पर हाथ लगाने से सांसद गुस्सा हो गईं। बोलीं, हाथ मत लगाइए।
ये बोले डीआईजी
माननीय सांसद कार्यालय में आई थीं। उन्होंने गांव जसाला प्रकरण के संबंध में बात की। मामले को पहले ही गंभीरता से लिया जा रहा है। अभी जांच चल रही है।
- अभिषेक सिंह, डीआईजी
ये है मामला...
शामली के गांव जसाला में मोनू कश्यप हत्याकांड में कैराना सांसद इकरा हसन मृतक की मां के साथ डीआईजी से मिलने पहुंचीं। डीआईजी कार्यालय के बाहर से थाना महिला पुलिस ने यातायात व्यवस्था बिगाड़ने के आरोप में सांसद को हिरासत में ले लिया और थाने ले गई। हालांकि दस मिनट बाद उन्हें छोड़ दिया गया। इसके बाद कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने से नाराज सांसद कोतवाली सदर बाजार में धरने पर बैठ गईं। इस दौरान उनकी एसपी सिटी से तीखी नोकझोंक भी हुई।
21 अप्रैल को जसाला निवासी मोनू कश्यप का पंजोखरा स्थित रेलवे लाइन के पास शव मिला था। परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया था। मामले में दो आरोपी गिरफ्तार किए गए थे। उन्होंने प्रेमिका से बात न कराने से नाराज होकर पार्टी करने के बहाने बुलाकर शराब पिलाने के बाद मोनू को ट्रेन के आगे धक्का दे दिया था। इससे मोनू की मौत हो गई थी। मंगलवार को कैराना सांसद इकरा हसन मृतक की मां को लेकर डीआईजी अभिषेक सिंह से मिलने पहुंचीं। महिला ने अपने बेटे की हत्या के मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की थी।
सांसद इकरा हसन का आरोप है कि डीआईजी ने बात सुनी, लेकिन उसके बाद कुछ ऐसा कहा कि पीड़िता रोते हुए उनके कार्यालय से बाहर निकल गई। इस पर उन्होंने डीआईजी के समक्ष नाराजगी व्यक्त की। इसके बाद सांसद डीआईजी कार्यालय के बाहर पार्किंग एरिया में आ गईं। उनका आरोप है कि यातायात व्यवस्था बिगाड़ने के आरोप में पुलिस ने हिरासत में लिया और महिला थाने ले गई। उन्हें करीब 10 मिनट तक महिला थाने में बैठाकर रखा गया। हालांकि, थोड़ी देर बाद ही छोड़ दिया।
इसके बाद इकरा हसन वहां से चली गईं। इसके थोड़ी देर बाद ही कुछ कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पता लगने पर सांसद थाने पर आ गईं और कार्यकर्ताओं के साथ कोतवाली सदर बाजार में धरने पर बैठ गईं। मामले की जानकारी मिलते ही एसपी सिटी व्योम बिंदल और पूर्व सांसद हाजी फजलुर्ररहमान मौके पर पहुंच गए। इस दौरान इकरा हसन की एसपी सिटी से तीखी नोकझोंक हुई है।
ये बोले एसपी सिटी
डीआईजी कार्यालय के बाहर कुछ लोगों ने सड़क पर जाम लगा दिया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर यातायात व्यवस्था को सुचारु कराया। कुछ लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
- व्योम बिंदल, एसपी सिटी