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सहारनपुर: पश्चिमी यूपी व उत्तराखंड में करने थे 50 आतंकी माड्यूल तैयार, एटीएस की पूछताछ में किए बड़े खुलासे

Tue, 11 Oct 2022 11:54 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
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आठ संदिग्ध आतंकी पकड़े। - फोटो : amar ujala
एसटीएस द्वारा पकड़े गए सहारनपुर निवासी चार संदिग्ध आतंकी लंबे समय से देश विरोधी गतिविधियों में लिप्त थे। इनमें लुकमान को पश्चिमी उत्तर प्रदेश और कामिल को उत्तराखंड में 50 से अधिक आतंकी माड्यूल तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई थी। एटीएस की पूछताछ में यह खुलासे हुए हैं। 

आतंकवाद निरोधी दस्ता (एटीएस) की लखनऊ टीम ने अलकायदा और जमात-उल- मुजाहिदीन के आठ संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है। इनमें थाना गागलहेड़ी के गांव सैय्यद माजरा से लुकमान, चिलकाना के गांव मनोहरपुर निवासी कारी मुख्तयार, कामिल पुत्र निवासी जहीरपुरा कोतवाली देवबंद और मोहम्मद अलीम निवासी गांव कैलाशपुर थाना गागलहेड़ी भी पकड़े गए।
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संदिग्ध सहजाद, देवबंद, संदिग्ध आतंकी - फोटो : अमर उजाला
एटीएस के मुताबिक, लुकमान ने बांग्लादेशी निवासी अब्दुल तल्हा के संपर्क में था। कारी मुदस्सिर भी मदरसा चलाता है, जिसकी गतिविधियां भी संदिग्ध मिली हैं, जबकि मोहम्मद अलीम और कामिल काफी दिनों से अपने घरों से गायब थे, लेकिन चारों एक-दूसरे संपर्क में थे।
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संदिग्ध कामिल, देवबंद, संदिग्ध आतंकी - फोटो : अमर उजाला
लुकमान और कामिल से एटीएस को अहम जानकारियां मिली हैं। इनके संपर्क में रहे लोगों को पकड़ने के लिए लखनऊ एटीएस दोबारा सहारनपुर, देहरादून और हरिद्वार में छापा मार सकती है। पकड़े गए चारो आतंकी उत्तराखंड और पश्चिम उत्तर प्रदेश कई युवाओं को आतंकी संगठनों को जोड़ रहे थे।

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संदिग्ध अलीम - फोटो : अमर उजाला
दिखावे के लिए हरिद्वार में की परचून की दुकान 
एसटीएस के मुताबिक, कामिल छह माह पूर्व तक अपने गांव में रहता था, लेकिन उसके पास अचानक पैसा आया और वह हरिद्वार जाकर रहने लगा। वहां पर उसने दिखावे के लिए परचून की दुकान भी कर ली थी। बताया जा रहा है कामिल के पास अब्दुल तल्हा के जरिए पैसा आया था। 

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संदिग्ध लुकमान - फोटो : अमर उजाला
नौ वर्ष पूर्व शुरू किया था मदरसा 
मनोहरपुर निवासी कारी मुख्तार गांव में मदरसा चलाता है, जिसमें करीब 50 से 60  बच्चे तालीम हासिल कर रहे हैं। मुख्तार तीन भाई हैं, जिनमें अशरफ, अरशद तथा अमजद हैं। मुख्तार का एक भाई गांव में एक दुकान चलाता है, जबकि दो सहारनपुर जाकर लकड़ी का काम करते हैं। मुख्तार की आठ लड़कियां हैं। कोई लड़का नहीं है। सभी की उम्र सात वर्ष से लेकर 19 वर्ष तक है। मुख्तार के मदरसे का नाम मदरसा आइनल उलूम है। यह मदरसा उसने करीब नौ वर्ष पहले शुरू किया था।
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शहजाद - फोटो : amar ujala
गांव के प्रधान अब्दुल बारिक ने बताया कि उन्हें नहीं लगता कि कारी मुख्तार की गतिविधियां संदिग्ध हैं। वह तो अपने काम से काम रखने वाला व्यक्ति है। उसकी संपत्ति भी इतनी नहीं है, जिसे देखकर संदेह किया जा सके।
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