सहारनपुर। इस सीजन में पहली बार यूके निवासी जनपद के लंगड़ा आम के स्वाद का लुत्फ उठा सकेंगे। मैंगो पैक हाउस से प्रोसेस कर लंगड़ा आम की पहली खेप लंदन भेजी जा रही है। अभी तक इस सीजन में करीब 10.22 टन रामकेला आम लंदन निर्यात किया जा चुका है।
जनपद से प्रतिवर्ष बड़ी मात्रा में आम का दुनिया के कई देशों में निर्यात होता है। कोरोना संक्रमण के चलते महाराष्ट्र का अल्फांसो और केसर आम का निर्यात इस बार मैंगो पैक हाउस से नहीं हो सका है, लेकिन अचार और चटनी बनाने के काम आने वाला रामकेला 10.22 टन लंदन भेजा जा चुका है। जिले से पहली बार रामकेला आम का निर्यात हुआ है। बृहस्पतिवार को 1200 किलो लंगड़ा आम की पहली खेप प्रोसेस कर दी गई है। इसे लंदन भेजा जा रहा है। यहां से इस आम की सप्लाई पूरे यूनाईटेड किंगडम में होगी।
विदेशियों को पसंद प्रजातियां
वैसे तो भारतीय सभी प्रजातियों की विदेशों में अच्छी मांग हैं, लेकिन दशहरी, लंगड़ा, चौसा, गुलाब जामुन, मल्लिका, अल्फांसो, केसर आदि प्रजातियों को अधिक पसंद किया जाता है।
इस सीजन में लंगड़ा आम की पहली खेप बृहस्पतिवार को लंदन के लिए रवाना हो रही है। इसके लिए मैंगो पैक हाउस में 1200 किलो लंगड़ा आम की प्रोसेसिंग हो रही है। जल्द ही आम के ऑर्डर दूसरे देशों से भी मिलने की उम्मीद है। अब तक 10.22 टन रामकेला आम लंदन निर्यात किया जा चुका है। - अशोक कुमार गुप्ता, मंडी सचिव।
एक नजर में आम निर्यात
वर्ष ------------- मात्रा किलो में
2018 ----------- 3,61,595
2019 ----------- 7,27,895
2020 ----------- 2,68,001
नोट: मंडी समिति के आंकड़ों के अनुसार।