सहारनपुर में देवबंद के चंदेना कोली गांव में ग्रामीणों से अवैध वसूली कर फर्जी तरीके से आयुष्मान कार्ड बना रहे देहरादून निवासी दो युवकों को नागल सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक ने ग्रामीणों के सहयोग से पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया।
क्षेत्र के चंदेना कोली गांव में देहरादून उत्तराखंड निवासी दो युवक ग्रामीणों से चार-चार सौ रुपये वसूल कर फर्जी ढंग से आयुष्मान कार्ड बना रहे थे। ग्रामीणों को दोनों युवकों पर शक हुआ और उन्होंने इसकी सूचना नागल सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विकास पाल को दी। जानकारी मिलने पर डॉ. विकास पाल टीम के साथ मौके पर पहुंचे और युवकों से गहनता से पूछताछ की तो दोनों युवक फर्जी पाए गए। डॉ. विकास पाल ने इस संबंध में उच्चाधिकारियों से भी बातचीत की, जहां से जानकारी मिली की एक राज्य के कर्मचारी किसी दूसरे राज्य में जाकर आयुष्मान कार्ड नहीं बना सकते।
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वहीं दोनों युवकों के फर्जी होने की पुष्टि होने के बाद उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने पकड़े गए दोनों युवकों के कब्जे से लैपटॉप, बायोमेट्रिक मशीन, रजिस्टर और कुछ लोगों के आधार कार्ड भी बरामद किए हैं। उन युवकों के साथ कुछ स्थानीय युवक भी शामिल हैं।
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इंस्पेक्टर का कहना है कि चिकित्सा अधीक्षक ने मामले में तहरीर दी है। जिसके आधार पर जांच की जा रही है। फर्जी आयुष्मान कार्ड बनाने के आरोप में पकड़े गए देहरादून निवासी युवक पिछले कई दिनों से चंदेना गांव में डेरा जमाए हुए थे। चर्चा है की दोनों युवक ग्रामीणों से अभी तक करीब दो लाख रुपये इकट्ठा कर चुके हैं। हालांकि इस संबंध में अभी पुलिस कुछ भी नहीं बता रही है।
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