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दो साल हुए पूरे, वादे रह गए अधूरे

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सहारनपुर। बसपा सांसद हाजी फजलुर्रहमान के कार्यकाल को आज (23 मई) दो साल पूरे हो गए। चुनाव लड़ने के दौरान जनता से जो वादे इन्होंने किए, उन पर पूरी तरह खरा नहीं उतर पाए। इनके द्वारा गोद लिए गांव शेखपुरा का भी हाल नहीं बदल सका। पूरे संसदीय क्षेत्र की बात करें तो जो समस्याएं पहले थीं, आज भी जस की तस हैं।
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सहारनपुर जिले में सहारनपुर संसदीय क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्याओं में घाड़ क्षेत्र में पेयजल का संकट है। इसको लेकर बसपा सांसद की तरफ से कोई ठोस प्रयास नहीं हुआ और आज भी घाड़ क्षेत्र के लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ता है। मेडिकल कॉलेज को पीजीआई की तर्ज पर विकसित कराने का भी वादा पूरा नहीं हो सका, क्योंकि सुविधाओं का अभाव पहले की तरह बना हुआ है। ऐसी ही अनेक समस्याएं हैं, जो दूर नहीं की जा सकी हैं। वहीं, सांसद ने गांव शेखपुरा को गोद लिया, लेकिन यहां भी विकास का पहिया फंसा ही रहा।
संसद में इनका रिपोर्ट कार्ड
कुल उपस्थिति 61 प्रतिशत रही। इन्होंने डिबेट्स 17 में हिस्सा लिया और 19 प्रश्न संसद में उठाए।
संसद सत्रों में उपस्थिति
बजट सत्र 2019 में -- 78 प्रतिशत
बजट सत्र 2020 में -- 57 प्रतिशत
बजट सत्र 2021 -- 54 प्रतिशत
शीत सत्र 2019 -- 50 प्रतिशत
मानसून सत्र 2020 -- 50 प्रतिशत
विपक्ष का वार
केवल जातिगत आंकड़ों की वजह से इन्हें जीत मिली थी, क्योंकि तीन पार्टियों का गठबंधन था। विकास के नाम पर कोई कार्य इन्होंने नहीं किया। व्यक्तिगत विकास में ज्यादा रुचि रखते हैं। स्लाटर हाउस की समस्या को संसद में उठाना, इनकी व्यावसायिक सोच को जाहिर करता है। दुर्भाग्य है कि सहारनपुर के विकास के संबंध में इन्होंने कोई प्रयास नहीं किया। -- राघव लखनपाल शर्मा, पूर्व सांसद भाजपा
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विकास कार्यों के नाम पर सांसद की उपलब्धि शून्य रही है। सहारनपुर लोकसभा क्षेत्र की जनता के लिए उपलब्धता भी नगण्य है, लोगों को यह आसानी से मिल नहीं पाते हैं। कोई खास कार्य नहीं किया, बल्कि सिर्फ अपना कारोबार बढ़ाने में ध्यान रहा है। -- इमरान मसूद, कांग्रेस नेता
जनहित में संसद में आवाज उठाता रहा : सांसद
बसपा सांसद हाजी फजलुर्रहमान का कहना है कि वुड कार्विंग उद्योग की बेहतरी के लिए वुड कार्विंग कलस्टर, कॉमन फैसिलिटी सेंटर की स्थापना की मांग संसद में उठाई और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी से भी मुलाकात की, जिसके बाद कॉमन फैसिलिटी सेंटर की स्थापना हुई। घाड़ क्षेत्र में आग लगने की घटनाओं से जान माल की हानि होती थी, यह मामला प्रमुखता से उठाया, जिसके बाद बेहट में फायर ब्रिगेड की स्थापना के लिए सरकार ने आदेश जारी किया। बेहट में शहाबुद्दीनपुर गांव के पास नदी पर पुल निर्माण की मांग उठाई और निर्माण कार्य चल रहा है। इसी तरह रामपुर मनिहारान में कलरपुर गुर्जर गांव में पूर्वी यमुना नहर के पुल का निर्माण भी जल्द ही शुरू होगा। दिल्ली सहारनपुर हाइवे चौड़ीकरण की धीमी प्रगति पर सवाल उठाया। नौगजा पीर के पास संकरा पुल होने का मुद्दा संसद में उठाया, जिसका निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। गन्ना किसानों के बकाया भुगतान के लिए भी कई बार आवाज उठाई है। पिलखनी मेडिकल कॉलेज तथा जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए संसद में आवाज उठाई। कोरोना काल में पिछले वर्ष अपनी संसदीय निधि से जिला अस्पताल को 25 लाख रुपए जारी किए। कोरोना की वजह से विकास कार्य रुके हैं, महामारी खत्म होने पर जल्दी ही कार्य होंगे।
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