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दो कर संग्रहकर्ता निलंबित

Wed, 02 Mar 2016 12:51 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
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नगर निगम के कर्मचारियों के साथ मिलीभगत कर किराए पर रहने वाले एक व्यक्ति ने नगर निगम के टैक्स असिसमेंट रजिस्टर में फर्जी नाम चढ़वा दिए। कर संग्रहकर्ताओं और कर निरीक्षक की मिलीभगत से बिना किसी प्रमाण और कागजात के ही कर विभाग में बड़ा खेल कर दिया गया।
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करीब एक महीने पहले मकान मालिक को इस बात का पता लगा तो उसने प्रमाणों के साथ नगर निगम में इसकी शिकायत की। नगरायुक्त ने पूरे मामले की जांच कराई तो बड़ा खेल सामने आया।

नगरायुक्त ने दो कर संग्रह कर्ताओं को निलंबित कर दिया और कर निरीक्षक के खिलाफ शासन को रिपोर्ट भेज दी है। कर रजिस्टर में भी गलती का सुधार कर लिया गया है। चौधरी विहार में नवाब हैदर अली पुत्र हाजी अब्दुल रहीम का मकान है। नवाब मूल रूप से मिर्जापुर का रहने वाला है और वर्तमान में अरब में रहता है।
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उसने 300 वर्ग गज में बना मकान फैजान को किराए पर दिया हुआ है। फैजान ने कर संग्रहकर्ताओं और कर निरीक्षक के साथ मिलीभगत कर मकान को दो भागों में दिखाकर हिना रब्बानी पत्नी गालिब रब्बानी और मेहर पत्नी शाहिद के नाम टैक्स जमा करवा दिया।

 बिना किसी कागजात के कर निर्धारण रजिस्टर में भी दोनों महिलाओं का नाम दाखिल करवा दिया। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि मिक्सिंग के जरिये फोटो तैयार कर उसे भी कर निर्धारण रजिस्टर में लगवा दिया।

इस मामले में मकान मालिक के पिता की शिकायत पर नगरायुक्त ने पूरे मामले की जांच कराई तो नगर निगम में हड़कंप मच गया। इसके बाद कर संग्रहकर्ता यशपाल और आलोक कुमार को निलंबित कर दिया गया। इसके अलावा कर निरीक्षक के खिलाफ शासन को रिपोर्ट भेज दी गई है।'

हिना रब्बानी के नाम से मचा हड़कंप
 इस पूरे खेल का खुलासा होने के बाद कर निर्धारण रजिस्टर में हिना रब्बानी का नाम आने पर नगर निगम में हड़कंप मच गया। मुख्य कर निर्धारण अधिकारी डीएम कटियार ने बताया कि हिना रब्बानी नाम की महिला अब तक सामने नहीं आई है। फर्जी नाम का इस्तेमाल कर यह फर्जीवाड़ा किया गया। जो फोटो इस्तेमाल किया गया है, उसमें भी मिक्सिंग की आशंका है। उल्लेखनीय है कि हिना रब्बानी पाकिस्तान की पूर्व विदेश मंत्री का भी नाम है।

कर निर्धारण रजिस्टर से बड़ा खेल
कर निर्धारण रजिस्टर से भी नगर निगम के कर्मचारी बड़ा खेल कर रहे हैं। किराएदारों और सरकारी जमीनों पर कब्जा करने वाले मिलीभगत कर टैक्स असिसमेंट रजिस्टर में नाम चढ़वा लेते हैं और कुछ साल का टैक्स भी जमा कर रशीद रख लेते हैं। इसके बाद किसी भी विवाद में उनके पास वह टैक्स रशीद प्रमाण के रूप में होती है। नगर निगम की भी कई जमीन टैक्स रशीद के चलते विवादित है और उन पर कब्जे तक हैं।
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