गंगोह/नागल(सहारनपुर)। गंगोह क्षेत्र में बुखार ने एक और व्यक्ति की जान ले ली। चार दिन में बुखार से गांव कुंडाकला निवासी दो मासूमों सहित सात की मौत हो चुकी है। उधर, नागल क्षेत्र में भी बुधवार को बुखार से एक मौत हो गई।
गंगोह की बुद्धगढ़ कॉलोनी निवासी कलीराम सैनी (58) को पांच दिन से बुखार आ रहा था। स्थानीय चिकित्सकों से उपचार कराने के बावजूद कोई फायदा नहीं होने पर दो दिन पूर्व परिजन उसे शामली में उपचार के लिए ले गए थे। मंगलवार शाम वहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
चार दिन में बुखार के चलते 7 लोग अकाल मौत का शिकार हो चुके हैं। उधर, नगर और देहात में विकराल रूप धारण कर रहे बुखार के चलते सीएचसी में आने वाले मरीजों की संख्या प्रतिदिन 1200 तक जा पहुंची है। सीएचसी में रोजाना आने वाले मरीजों में करीब 800 मरीज बुखार से पीड़ित हैं।
सीएचसी लैब में प्रतिदिन 120-150 तक रक्त पट्टिकाओं की जांच की जा रही है। यहां मात्र एक एलटी तैनात होने के चलते मरीजों को निजी लैबों में टेस्ट कराने पड़ रहे हैं। हालत यह है कि प्रतिदिन 15 से 25 मरीजों को भर्ती करना पड़ रहा है। बरसात के बाद क्षेत्र में खुजली के मरीजों की संख्या में भी इजाफा हुआ है।
मगर अस्पताल में न तो पूरे साल बैंजाइल बैंजोएट आया और न ही अन्य खुजली रोधी ट्यूब उपलब्ध कराई गई। उधर, नागल क्षेत्र के गांगनौली में भी मंगलवार रात जानलेवा बुखार की चपेट में आकर बालिका की मौत हो गई। जुमशैद की नौ वर्षीय बालिका साजिया को मंगलवार देर शाम बुखार आया। जब तक वह किसी चिकित्सक को उसे दिखाते तब तक उसने दम तोड़ दिया।
नही दी जा रही क्लोरोक्वीन
सीएचसी प्रभारी डा. अनवर अंसारी ने बताया कि सरकार द्वारा इस साल मलेरिया की रोकथाम के लिए दी जाने वाली क्लोरोक्वीन दवा के वितरण को प्रतिबंधित कर दिया गया है। मरीज की रक्त जांच में मलेरिया पाजिटिव पाये जाने पर ही उसे प्रेमाक्वीन दी जाती है। हालांकि उन्होंने अस्पताल में दवाइयों की पूर्णता का दावा किया ।
बीडीओ को लिखा सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराने को पत्र
गंगोह। गांव कुंडाकलां में चारों ओर कूडे़ के ढेरों के चलते गंदगी का आलम है। सफाई के अभाव में गलियों और सड़कों ने गंदे नालों का रुप ले रखा है। वहां सड़कों पर पैदल चलना भी दुश्वार है। डॉ. अनवर अंसारी ने बीडीओ को पत्र लिखकर गांव में सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करवाने का आग्रह किया है। उन्होंने बताया कि जल्द ही खादर के 19 गांवों सहित संवेदनशील 25 गांवों में एंटी लार्वा और एंटी मलेरिया दवा का छिड़काव कराया जाएगा।