सहारनपुर। समय सीमा पूरी कर चुके वाहनों को स्क्रैप करने के लिए जिले में दो और स्क्रैप सेंटर बनेंगे। इसके लिए संभागीय परिवहन विभाग के पास दो आवेदन आ चुके हैं, जिनमें से एक का काम लगभग पूरा हो गया है। इसे इसी सप्ताह प्रमाण पत्र जारी हो सकता है। अभी तक एक ही स्क्रैप सेंटर संचालित है।
एनसीआर क्षेत्र में बढ़ते प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा पुराने वाहनों को सड़कों से हटाने के लिए वाहन कबाड़ नीति लागू की गई है। डीजल वाहनों को 10 वर्ष और पेट्रोल वाहनों को 15 वर्ष बाद कबाड़ घोषित करने के बाद उन्हें स्क्रैप किया जाना है। संभागीय परिवहन विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो जिले में 15 साल से अधिक पुराने डेढ़ लाख से ज्यादा वाहन स्क्रैप नीति के दायरे में आ रहे हैं। इनमें सबसे अधिक संख्या दोपहिया वाहनों की है। ऐसे वाहनों को परिवहन विभाग ने कबाड़ घोषित किया है। फिलहाल एक स्क्रैप सेंटर संचालित है, जो अंबाला रोड पर है। इसके अलावा दो और स्क्रैप बनाएं जाने हैं। दो आवेदन आए हैं, जिन्हें मुख्यालय भेज दिया है। उधर, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी महेंद्र बाबू गुप्ता ने बताया कि दो और स्क्रैप सेंटर बनाने की प्रक्रिया चल रही है। एक का आवेदन लगभग फाइनल हो गया। इस सप्ताह प्रमाण पत्र जारी हो सकता है।
वाहन स्क्रैप कराने का मिलेगा प्रमाण पत्र
स्क्रैप सेंटर पर वाहन मालिक को सीधे वाहन लेकर पहुंचना होगा। वाहनों के दस्तावेजों की जांच के बाद वाहन का वजन किया जाएगा। वाहन बेचने का प्रमाण पत्र मिलेगा। जिसके बाद नया वाहन खरीदने समय प्रमाण पत्र दिखाने पर वाहन के टैक्स में छूट मिलेगी।