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फर्जी गोल्डन कार्ड मामले में दो आरोपियों को जेल भेजा

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फर्जी गोल्डन कार्ड मामले में दो आरोपियों को जेल भेजा
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सहारनपुर। फर्जीवाड़ा कर आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत अपात्रों के गोल्डन कार्ड बनाने के मामले में थाना जनकपुरी पुलिस ने बुधवार को दो मुख्य आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया। अन्य तीन लोगों के मामले में शामिल होने का प्रमाण नहीं मिलने पर उन्हें छोड़ दिया गया।
मंगलवार को चिकित्सा विभाग ने पुलिस के साथ माहीपुरा चौक पर संचालित भापा वेज एवं नॉनवेज रेस्टोरेंट पर छापा मारकर पांच लोगों को पकड़ा था। राकेश केमिकल चौकी पुलिस पांचों आरोपियों को थाना जनकपुरी ले गई थी। आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के जिला कार्यक्रम समन्वयक डॉ. सुशील कुमार गुप्ता की ओर से पांच लोगों को नामजद कराया गया था। पूछताछ में फरजंद अली पुत्र उमरदीन निवासी पिंजौरा और राहुल पुत्र पल्टूराम निवासी बहादराबाद हरिद्वार की संलिप्तता पाई गई है।
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बुधवार को पुलिस ने फरजंद और राहुल को कोर्ट में पेश कर दोनों को जेल भेज दिया। उधर, साथ में पकड़े गए गोपाल, मोहित और भीष्म की संलित्पता नहीं मिली। वह कार्ड बनवाने के लिए पहुंचने वाले ग्राहक पाए गए। ऐसे में तीनों को छोड़ दिया गया।
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नेशनल हेल्थ अथॉरिटी को सूचना दी
उत्तराखंड के पात्रों की आईडी पर सहारनपुर में फर्जी कार्ड बनाए जाने की सूचना अधिकारियों ने नेशनल हेल्थ अथॉरिटी दिल्ली को दे दी है। अथॉरिटी से अपने स्तर से उत्तराखंड के पात्रों की जांच कराने की मांग भी की गई है।
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कितने लोगों ने लिया लाभ होगी जांच
सहारनपुर में फर्जी कार्ड से कितने लोगों ने गलत तरीके से लाभ उठाया है। इसकी जांच विभाग अपने स्तर से करा रहा है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि जनपद में किसी अन्य जगह पर तो ऐसा नहीं हो रहा है। बता दें कि करीब डेढ वर्ष पहले रानी बाजार में भी फर्जी कार्ड बनते मिले थे। करीब एक वर्ष पहले दिल्ली रोड हसनपुर में कार्ड बनाने के नाम पर कुछ लोग जनता से वसूली करते पकड़े जा चुके हैं।
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----- वर्जन
जिलाधिकारी और सीएमओ को घटना से अवगत कराया जा चुका है। नेशनल हेल्थ अथॉरिटी को भी सूचना दे दी गई है। योजना में किसी भी तरह के फर्जीवाड़े को रोकने के लिए विभाग जुटा है।
-- डॉ. सुशील गुप्ता, जिला कार्यक्रम समन्वयक।
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