सहारनपुर। लॉकडाउन और वीजा नियमों के दुरुपयोग के उल्लंघन के मामले में अस्थायी जेल में बंद 57 विदेशी जमातियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। दिल्ली में जमात से जुड़े लोगों पर शिकंजा कसने और उनके भविष्य में देश में आने पर प्रतिबंध की तैयारियों के बीच यहां भी विदेशी जमातियों को लेकर पुलिस प्रशासन अधिक सक्रिय हो गया है। यहां भी इन जमातियों पर जल्द ही चार्जशीट जारी करने की तैयारी की जा रही है।
दरअसल, पिछले कुछ समय से जमीयत उलमा ए हिंद से लेकर अन्य संगठनों की ओर से लगातार यह अपील की जा रही है कि जिले की जेल में बंद विदेशी जमातियों के खिलाफ जल्द ही चार्जशीट दाखिल कर उन्हें उनके देश में भेजने की व्यवस्था की जाए। इसके अलावा किर्गिस्तान, थाइलैंड सहित अन्य देशों के दूतावास अधिकारी इस मामले में केंद्र सरकार के संपर्क में हैं। कुछ दूतावासों के प्रतिनिधिमंडल यहां जिले में पहुंचकर जमातियों से संपर्क कर चुके हैं। उन्हें भरोसा दिला चुके हैं कि उन्हें जल्द रिहा करवाया जाएगा। मगर इससे पहले उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने जैसी प्रक्रिया पूरा होना जरूरी है। एसएसपी दिनेश कुमार का कहना है कि विदेशी जमातियों के मामलों की विवेचनाएं चल रही हैं। जल्द ही चार्जशीट की पूरी कार्रवाई होगी। जहां तक वीजा नियमों के दुरुपयोग पर आगे के प्रतिबंध की बात है तो विदेशी जमातियों को ब्लैकलिस्ट करने का प्रस्ताव पहले ही भेजा जा चुका है। इन जमातियों पर कितना और किस तरह का प्रतिबंध लगता है। यह केंद्र सरकार के निर्णय पर ही निर्भर होगा।
किर्गिस्तान, इंडोनेशिया सहित कई देशों के हैं जमाती
- जिले की अस्थायी जेल में किर्गिस्तान, इंडोनेशिया, मोरक्को, माले, मलेशिया, थाइलैंड, फिलिस्तीन, सीरिया, सऊदी अरब, सूडान और फ्रांस के विदेशी जमाती शामिल हैं। लॉकडाउन के बाद चलाए गए सर्च अभियान में इन विदेशी जमातियों को चिह्नित किया गया था। इन पर लॉकडाउन के उल्लंघन के साथ ही टूरिस्ट वीजा का दुरुपयोग कर तब्लीगी जमात से जुड़े धार्मिक प्रचार करने का आरोप है। जिले में जमात के मुखिया मौलाना साद की ससुराल होने के कारण भी इन जमातियों को लेकर पुलिस प्रशासन अधिक अलर्ट है।