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खाता धारकों के सामने कोरोना काल के बीच खड़ी हो गई परेशानी

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सहारनपुर। कई बैंकों का विलय होने के बाद लोगों के खाता नंबर व आईएफएससी कोड बदल गए। 31 मार्च से पहले बैंकों की ओर से इसकी सूचना नहीं दी गई, जिस वजह से लोगों का मानदेय और पेंशन भी रुकी हुई है। अब लोगों को अपना एकाउंट अपडेट कराने के लिए बैंक शाखाओं के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
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बैंक आफ बड़ौदा में देना बैंक और पीएनबी में यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया का विलय हुआ है। इसी तरह अन्य बैंकों का भी विलय हुआ है। इसके बाद खाता संख्या और आईएफएससी बदल गए हैं। यह प्रक्रिया 31 मार्च से पहले करीब तीन माह चल रही थी, लेकिन बैंकों की ओर से खाता धारकों को बदले खाता संख्या और आईएफएससी की जानकारी नहीं दी गई।
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पहले देते जानकारी तो न होते परेशान
मल्हीपुर निवासी नगर निगम से सेवानिवृत्त सुरेश कुमार का कहना है कि उनका खाता युनाइटेड बैंक में था, इस बार पेंशन नहीं आई। पता चला कि उन्हें कोषागार में बैंक के विलय होने पर पीएनबी का आईएफएससी और खाता संख्या अपडेट कराना पड़ेगा, तब पेंशन मिलेगी। सुरेश का कहना है कि बैंक की ओर से पहले जानकारी दी जाती तो परेशान न होना पड़ता।
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खानआलमपुरा निवासी राशिद खान, शारदानगर निवासी अमित स्वामी का कहना है कि वह एक निजी कंपनी में कार्य करते हैं। विलय होने पर उनका खाता नंबर और आईएफएससी कोड बदला है, जिस वजह से मार्च माह का वेतन रूका है। अब खाता अपडेट कराने के लिए बैंकों का चक्कर लगाना पड़ रहा है।
वर्जन -
प्रक्रिया काफी समय से चल रही थी। नियमित बैंकों से अपडेट रहते वाले लोगों ने अपने खाते अपडेट भी कराए हैं, जिन्हें दिक्कत नहीं उठानी पड़ी है। कुछ लोगों के सामने समस्या आई है। नई पासबुक और चेकबुक जारी कर उनकी दिक्कत को भी दूर किया जा रहा है। -- संतोष कुमार, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक
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