महाराष्ट्र, हरियाणा, पंजाब और सहारनपुर से खरीदे गए थे ट्रैक्टर
सहारनपुर। जिले में ट्रैक्टरों के चेसिस नंबर में गड़बड़ी मिलने का मामला सुलझता हुआ नजर आ रहा है। पुलिस की जांच में सामने आया कि महाराष्ट्र, हरियाणा, पंजाब और सहारनपुर में ट्रैक्टर निर्माता कंपनियों की एजेंसियों से ट्रैक्टर खरीदे गए हैं। इसमें ट्रैक्टर एजेंसियों के कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध है, जिनसे पुलिस टीमें पूछताछ कर रही हैं।
एसओजी ने चार दिन पहले एक गोपनीय शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू की थी। इसके साथ ही जिले भर से करीब 50 ट्रैक्टरों को पकड़ा गया था, जिनके चेसिस नंबर कागजातों से मिलान नहीं हो रहे थे। पुलिस ने फिलहाल ट्रैक्टरों को कब्जे में लिया हुआ है। एसएसपी आकाश तोमर ने एसओजी के साथ ही एसपी सिटी राजेश कुमार को मामले की जांच सौंपी है। एसपी सिटी ने बताया कि पकड़े गए करीब 50 ट्रैक्टरों के चेसिस नंबर में गड़बड़ी मिली है। यह ट्रैक्टर महाराष्ट्र, हरियाणा, पंजाब और सहारनपुर में स्थित ट्रैक्टर निर्माता कंपनियों की एजेंसी से खरीदे गए हैं। जांच में एजेंसियों के कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध मिली है, जिनसे एसओजी के अलावा तीन पुलिस टीमें पूछताछ कर रही हैं।
पहले ऋण लिया और बेच दिए ट्रैक्टर
ट्रैक्टर एजेंसियों पर काम करने वाले 25 कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध मिली है। जांच में सामने आया है कि कंपनी से आए ट्रैक्टरों पर पहले बैंकों से ऋण लिया गया और इसके बाद किसानों को ट्रैक्टर बेच दिए गए हैं। इस मामले करीब 25 कर्मचारियों की गिरफ्तारी हो सकती है।
किसानों की नहीं कोई गलती
पुलिस की जांच में सामने आया है कि किसानों की कोई गलती नहीं है। उन्होंने एजेंसियों पर पूरा पैसा देकर ट्रैक्टर खरीदे हैं, लेकिन उन्हें यह नहीं पता चल पाया कि इन ट्रैक्टरों पर पहले ऋण लिया गया और फिर चेसिस नंबर बदलकर उन्हें बचे गए हैं। एसपी सिटी राजेश कुमार का कहना है किसानों की कोई गलती नहीं है।