फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ट्रैक वही, दोनों हादसे एक जैसे, पर कारण का नहीं पता

विज्ञापन
सहारनपुर में रेलवे स्टेशन लाईन से मालगाड़ी उतरने के बाद ट्रक ठीक कर मालगाड़ी के डिब्बे का हटाते र - फोटो : SAHARANPUR
विज्ञापन
सहारनपुर। मालगाड़ी बेपटरी होने की घटना ने अफसरों को उलझा दिया है। क्योंकि जिस ट्रैक पर शुक्रवार शाम को मालगाड़ी पटरी से उतरी थी, उस ट्रैक की मरम्मत का कार्य रात में कर दिया गया था। सिर्फ मरम्मत नहीं, बल्कि दो बार ट्रायल तक किया था। ट्रायल में ट्रैक ठीक था, लेकिन शनिवार सुबह होते ही ऐसी क्या कमी हो गई कि फिर से उसी ट्रैक पर मालगाड़ी बेपटरी हो गई। रेलवे अधिकारी भी इसको लेकर जांच कर रहे हैं कि दोनों बार दिक्कत पटरी को लेकर हुई या फिर वैगन की वजह से।
विज्ञापन

दरअसल, शुक्रवार शाम भी मालगाड़ी का बीच वाला डिब्बा ही बेपटरी हुआ था और शनिवार सुबह भी। यह दोनों बातें भी इस हादसे में एक जैसी हैं। खुद डीआरएम गुरिंदर सिंह का कहना था कि एक ही स्थान पर एक जैसे दोनों हादसे हुए हैं, जबकि देर रात करीब तीन बजे तक ट्रैक को ठीक कर लिया गया था और ट्रायल भी किया गया था। दूसरा ट्रायल तड़के पांच बजे हुआ था, तब ट्रेन को यहां से गुजरने में कोई दिक्कत नहीं हुई थी। शनिवार सुबह जो मालगाड़ी पटरी से उतरी, वह खाली थी, जबकि रात में जो ट्रेन बेपटरी हुई थी उसमें कोयला लदा था।
एक सप्ताह चलेगी छानबीन
अंबाला से रेलवे के सुरक्षा, तकनीकी और परिचालन से संबंधित अधिकारियों की टीम इस मामले पर छानबीन के लिए सहारनपुर रेलवे स्टेशन पर पहुंची। टीम ने स्थानीय रेलवे अधिकारियों से बात करने के साथ ही मरम्मत कार्य में लगे लोगों से भी जानकारी ली। अभी इस मामले में करीब एक सप्ताह तक छानबीन होगी, ताकि यह पता लगाया जाए कि हादसा क्यों और कैसे हुआ।
विज्ञापन

स्लीपर बदलने में लगाए 120 से ज्यादा कर्मी
सहारनपुर। शुक्रवार रात मालगाड़ी बेपटरी होने पर 60 से ज्यादा स्लीपर टूट गए थे, जिन्हें बदलने के लिए रेलवे कर्मियों की टीम रात में ही लगा दी गई थी। 120 से ज्यादा कर्मी इस कार्य में लगाए गए हैं। सुबह फिर हादसा होने के बाद उस स्लीपर और पटरी के हिस्से को भी बदलवाया गया, जहां पर मालगाड़ी बेपटरी हुई।
बड़ा हादसा करा सकती है ऐसी लापरवाही
सहारनपुर। मालगाड़ी उतरने की दो घटनाएं लगातार सामने आने से रेलवे कर्मियों की बड़ी लापरवाही भी सामने आ रही है। यह बात अलग है कि अधिकारियों की तरफ से लापरवाही को लेकर खुलकर कुछ नहीं कह रहे हैं, लेकिन जिस तरह से यह घटनाएं हुई हैं, वह भविष्य के लिए ठीक नहीं है। उसी ट्रैक पर दूसरी घटना होने से यह भी सवाल उठ रहे हैं कि रात में मरम्मत के नाम पर लापरवाही तो नहीं बरती गई। हालांकि अधिकारी दावा कर रहे हैं कि रात में ट्रायल पूरी तरह ठीक हुआ था। वहीं, गनीमत तो यह रही कि दोनोें बार बेपटरी होने के बावजूद मालगाड़ी पलटी नहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें