सहारनपुर में इमाम सहारनपुर कारी इसहाक गोरा द्वारा बनाई गई हेल्प लाइन पर लोगों द्वारा पूछे गए कुछ खास सवाल-जवाब।
सवाल ः गोहर ने तीतरों से पूछा कि मैं रोजे से हूं, क्या मैं अपने सिर पर तेल लगा सकता हूं ? इससे रोजा पर कोई असर तो नहीं आएगा?
जवाब ः रोजे की हालत में बदन के किसी भी हिस्से पर तेल लगाया जा सकता है, इससे रोजे पर कोई असर नहीं आएगा।
सवाल ः अरशद राजा ने संकलि गांव से पूछा कि क्या वह रोजे की हालत में आंखों में सुरमा लगा सकता है, इससे रोजा तो नहीं जाएगा?
जवाब ः रोजे की हालत में आंखों में सुरमा लगाया जा सकता है, इससे रोजा नहीं टूटता।
सवाल ः हिना ने देवबंद से मालूम किया कि मैं सहरी के बाद सो जाती हूं, उसके बाद उठ कर पेस्ट करती हूं? क्या ये गलत है?
जवाब ः रोजे की हालत में टूथपेस्ट नहीं करना चाहिए, क्योंकि उसके बारीकी अज्जा हलक में उतर गए तो रोजा टूट जाएगा।
सवाल ः बुशरा कोसर ने रामपुर से मालूम किया कि हमको जकात निकालना कब ज्यादा बेहतर है, क्या रमजान के अलावा दिनों में भी निकाली जा सकती है?
जवाब ः रमजान में जकात निकालने की शरीयत में बड़ी फजीलत बताई गई है, यूं तो साल के किसी भी महीने किसी भी दिन जकात निकाली जा
सकती है, क्योंकि रमजान माह में हर नेक काम का सवाब सत्तर गुना अधिक है इसलिए इस माह मुबारक में जकात निकालना ज्यादा अच्छा है।
सवाल ः आली की चुंगी से कुदसिया ने मालूम किया कि मेरा चार माह का बच्चा है, मेरा दूध पीता है, रोजे की हालत में दूध उतर नहीं पाता जिससे मेरे बेटे को बड़ी परेशानी हो रही है, ऐसे में शरीयत मां को क्या हुकुम देती है?
जवाब ः शरीयत में आया है कि अगर कोई महिला बच्चे को दूध पिलाती हो, चाहे बच्चा उसका हो या दूसरे का, उसके लिए रोजा कजा करने की इजाजत है, परंतु उसको ये देख लेना चाहिए कि इस की हालत में दूध पिलाने से दोनों को या किसी एक को नुकसान है तो रोजा छोड़ा जा सकता है, बाद में कजा करनी होगी।
इन नंबरों पर रोजेदार अपने सवाल अथवा शंकाओं को दूर कर सकते हैं।
9897399207
8923636608
9319462031
9319309995