सहारनपुर। निलंबन की कार्रवाई से बचने को गृहकर एवं जलकर अनुभाग के कर्मचारियों को अब छुट्टी में भी काम करना पड़ रहा है। अक्तूबर में 10.5 करोड़ रुपये की वूसली के लक्ष्य के सापेक्ष मात्र दो फीसदी वसूली पर चार कर्मचारी निलंबित किए जा चुके हैं।
नगर निगम की आय का मुख्य जरिया गृहकर, जलकर और सीवर कर है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 55 करोड़ रुपये की वसूली का लक्ष्य शासन से मिला है। अप्रैल से अभी तक सात महीने बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक मात्र 25 करोड़ रुपये की ही वसूली हुई है। शेष पांच महीने में 30 करोड़ रुपये की वसूली करना चुनौती रहेगा। ऐसे में राजस्व निरीक्षकों और कर संग्रहकर्ताओं को अक्तूबर से महीने की वसूली का लक्ष्य दिया जा रहा है। अक्तूबर में 2.13 लाख संपत्तियों से 10.5 करोड़ रुपये की वसूली का लक्ष्य दिया गया था। लेकिन विभागीय अधिकारियों, राजस्व निरीक्षकों और कर संग्रहकर्ताओं की लापरवाही के चलते वसूली मात्र दो से तीन फीसदी हुई थी। अमर उजाला द्वारा 28 अक्तूबर को वसूली में पिछड़ने संबंधी समाचार प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था। नतीजा, नगर आयुक्त ने वसूली की समीक्षा बैठक करते हुए चार कर्मचारियों को निलंबित कर दिया। साथ ही अधिकारियों को फटकार लगाई थी।
अब नवंबर में 12.53 करोड़ रुपये से अधिक का लक्ष्य दिया गया है। इसके लिए छुट्टियां निरसत कर दी गई हैं। बुधवार को गुरु नानक देवजी के प्रकाश पर्व की सरकारी छुट्टी होने के बावजूद गृहकर, जलकर अनुभाग खोला गया है। अधिकारी और कर्मचारी सामान्य दिनों की तरह काम करते नजर आए। राजस्व निरीक्षकों और कर संग्रहकर्ताओं को वसूली के निर्देश दिए गए हैं।
नवंबर में वसूली का लक्ष्य
जोन-वसूली का लक्ष्य
01 किला3,26,37,484
02 शाह हारुन4,21,12,515
03 म्हाड़ी2,70,58,671
04 बाजोरिया2,35,70,507