टीपीनगर बना, फिर भी बिखरा है ट्रांसपोर्ट कारोबार
सहारनपुर। शहर को जाम से निजात दिलाने और एक ही जगह पर सारा ट्रांसपोर्ट कारोबार संचालित करने के लिए करीब 15 साल पहले टीपी नगर बसाया गया था। यहां अधिकतर ट्रांसपोर्ट कारोबारियों को शिफ्ट करने के दावे भी किए जाते रहे हैं। मगर इतने साल बाद भी टीपी नगर के हालात नहीं बदले हैं। यह कारोबार अब तक बिखरा हुआ है। शहर के बोमनजी रोड, मंडी समिति रोड और अंबाला रोड सहित अन्य जगहों पर ट्रकों पर लोडिंग-अनलोडिंग की जा रही है। वहीं, टीपीनगर में 30 फीसदी से ज्यादा भूखंड खाली पड़े हैं। अमर उजाला टीम ने मौजूदा हालात जानने के प्रयास किए तो और भी खामियां सामने आईं। पेश है रिपोर्ट....।
जंगल में खंडहर जैसे पड़े हैं भूखंड
टीपी नगर का सामने का हिस्सा तो कुछ ठीक है। लेकिन गांवों की ओर जाने वाले रास्ते की तरफ 50 से ज्यादा छोटे-बड़े भूखंड और भवन ऐसे हैं, जिनकी हालत खंडहर जैसी है। यहां ट्रांसपोर्टर नहीं, असामाजिक तत्व और नशेड़ी आ रहे हैं।
बड़े दावे किए गए, सुरक्षा और सुविधाएं नहीं मिलीं
- उत्तर प्रदेश मोटर ट्रांसपोर्ट फेडरेशन के अध्यक्ष ब्रित चावला कहते हैं कि शहर से करीब 10 किलोमीटर दूर ट्रांसपोर्टर यहां बड़े दावे कर जबरन बसा तो दिए गए। लेकिन न तो दावे के अनुरूप सुरक्षा मिली और न ही सुविधाएं। व्यापारियों के माल की सुरक्षा सबसे पहले है। लेकिन टीपी नगर के चारों ओर दीवार तक नहीं बन पाई है।
कर्ज के बोझ तले दबे ट्रांसपोर्टर
- ट्रांसपोर्टर सरदार पीपी सिंह कहते हैं कि सुरक्षा और सुविधाओं के साथ कारोबार बढ़ने की उम्मीद में ट्रांसपोर्टरों ने पुराने स्थलों को छोड़ा था। लेकिन उम्मीद के अनुरूप कारोबार न चलने पर 50 फीसदी से ज्यादा व्यवसायी बड़े कर्ज के बोझ में दबे हैं। कोरोना काल में तो हालात और भी खराब हो गए। ट्रांसपोर्टर नीरज अग्रवाल कहते हैं कि हाईटेंशन लाइन के लटकने, सुरक्षा के इंतजाम न होने, शौचालय न होने जैसी कई समस्याएं अफसरों को बार-बार बताईं। मगर इनका समाधान नहीं हो पाया।
ट्रांसपोर्ट कारोबार एक नजर में
- कुल ट्रांसपोर्टरों की संख्या 140
- मंझले स्तर के ट्रांसपोर्टर 105
- रोजाना माल बुकिंग आर्डर 500 से 900
- कुल ट्रकों की संख्या 3000
- छोटे ट्रकों की संख्या 1700
- मैकेनिक, हेल्पर, आपरेटर 7000 से ज्यादा
शहर में ऐसे होता है ट्रांसपोर्टर कारोबार
- टीपी नगर के साथ बोमनजी रोड, अंबाला रोड और मंडी समिति रोड पर कारोबार संचालित होता है। दाल, अनाज, फल, सब्जी, लोहा, स्टील, सीमेंट, चावल, केमिकल, पेपर, कपड़ा, बीज, खाद, कीटनाशक, स्क्रैप, पेंट, लकड़ी, क्राकरी सहित अन्य तरह के उत्पादों का होता है परिवहन।
इन प्रमुख राज्यों के लिए होता है परिवहन
उत्तर प्रदेश, उत्तरांखड, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, दिल्ली, जम्मू सहित अन्य राज्यों में परिवहन होता है।
- टीपी नगर में अधिकतर सुविधाएं दी गई हैं। कुछ भूखंड खाली हैं। इसके लिए नियमित नीलामी के प्रयास हो रहे हैं। सुरक्षा के लिए काफी हिस्से में दीवार बनाई गई है। कुछ हिस्सा रास्ते के लिए गांव वालों ने तोड़ दिया था। जो अड़चनें हैं, दूर करवा रहे हैं।
- ज्ञानेंद्र सिंह, उपाध्यक्ष, सहारनपुर विकास प्राधिकरण।
सरदार पीपी सिंह- फोटो : SAHARANPUR
ब्रित चावला- फोटो : SAHARANPUR
टीपी नगर होने के बावजूद बोमन जी रोड़ पर चल रहा ट्रांसपोर्ट का कारोबार- फोटो : SAHARANPUR
टीपी नगर होने के बावजूद बोमन जी रोड़ पर चल रहा ट्रांसपोर्ट का कारोबार- फोटो : SAHARANPUR
टीपी नगर होने के बावजूद बोमन जी रोड़ पर चल रहा ट्रांसपोर्ट का कारोबार- फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर का टीपी नगर में खाली पड़ी दुकाने- फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर का टीपी नगर में खाली पड़ी दुकाने- फोटो : SAHARANPUR