बिना हेलमेट पैट्रोल की टंकी पर बैठा कर सफर करता वाहन चालक
- फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। मोटरसाइकिल एक और सवारियां एक, दो नहीं बल्कि तीन से चार तक। दो सवारियों की बाइक पर तीन से चार सवारियां चल रहीं हैं, वह भी बिना हेलमेट के, जिससे जान का खतरा बढ़ रहा है। कई बार दुर्घटनाएं भी हो चुकीं हैं और जान भी जा चुकी है, लेकिन लोग हैं कि मानने को तैयार ही नहीं हैं।
सहारनपुर में यातायात माह की भी लोग परवाह नहीं कर रहे। जागरूक करने के बावजूद सहारनपुर की सड़कों पर बिना हेलमेट के ही नहीं, बल्कि तीन से चार सवारी बाइक सवार दौड़ रहे हैं। ऐसा नहीं है कि यातायात पुलिस कार्रवाई न कर रही हो। यातायात पुलिस एवं सिविल पुलिस की ओर से जिले भर में रोजाना ही 200 से अधिक बिना हेलमेट एवं दुपहिया वाहन पर दो से अधिक सवारी लेकर चलने पर चालान किया जा रहा है, लेकिन नियमों के उल्लंघन करने को सहारनपुर के युवा अपनी शान मानते हैं। जिसका खामियाजा कई बार दुर्घटना के रूप में भुगतना पड़ रहा है।
दो माह पूर्व देहरादून रोड पर तीन युवक एक ही दुपहिया वाहन पर जाते समय असंतुलित होकर टकरा गए, जिससे दो युवकों की मौत हो गई थी। पिछले सप्ताह घंटाघर के निकट दंपती अपने दो बच्चों के साथ बाइक पर जाते समय बाइक असंतुलित हो गई और महिला सड़क पर गिर गई। जिससे ट्रक की चपेट में आकर महिला की मौत हो गई। ऐसी एक नहीं दर्जनों दुर्घटनाएं घटित हो चुकीं हैं। न सिर्फ अपने लिए खतरा बढ़ा रहे हैं, बल्कि दूसरे लोगों के लिए भी दुर्घटना का सबब बने हुए हैं। दुर्घटना में सबसे ज्यादा नुकसान हेलमेट न पहनने से हो रहा है। सड़क दुर्घटनाएं में दुपहिया वाहन सवारों की सबसे अधिक मौतें हेलमेट न पहनने वालों की ही हो रहीं हैं। देहरादून रोड पर पिछले सप्ताह सड़क दुर्घटना में दो युवकों की मौत हुई थी। दोनों में से किसी ने भी हेलमेट नहीं पहने था।
लापरवाही से वाहन चलाना भी बन रहा दुर्घटना का कारण : टीएसआई
यातायात उप निरीक्षक पवन कुमार तोमर का कहना है कि अधिकांश दुर्घटनाएं लापरवाही से वाहन चलाने पर, नशे में वाहन चलाने पर हो रहीं हैं, जबकि हेलमेट न पहनने से जान जा रहीं हैं। लोगों को अपनी और दूसरों की जान की परवाह करनी चाहिए। इससे पूरा परिवार प्रभावित होता है।
बिना हेलमेट ट्रिपलिंग कर सफर करता वाहन चालक- फोटो : SAHARANPUR
बिना हेलमेट ट्रिपलिंग कर सफर करता वाहन चालक- फोटो : SAHARANPUR