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ब्लैक फंगस के दो और मामले सामने आए

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सहारनपुर। जिले में ब्लैक फंगस के तीन और मामले सामने आए हैं। इनमें एक व्यक्ति कोरोना संक्रमित हुआ था, जिसने कोरोना को तो हरा दिया, लेकिन अब ब्लैक फंगस की चपेट में आ गया। वहीं, दो महिलाओं में ब्लैक फंगस के लक्षण मिले हैं।
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यह दोनों मरीज शहर के बाजोरिया रोड स्थित दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. समित जैन के यहां उपचार कराने पहुंचे थे। डॉ. समित जैन ने बताया कि जिस व्यक्ति में ब्लैक फंगस के लक्षण दिखाई दिए हैं, वह शुगर का मरीज भी है। इसके अलावा एक महीना पहले ही वह कोरोना संक्रमित हुआ था और 8 दिन पहले ही उसकी कोविड जांच रिपोर्ट नेगेटिव आई थी। इसके बाद उनमें ब्लैक फंगस के लक्षण दिखाई दिए तो, उन्होंने एमआरआई भी कराने की सलाह दी है। वहीं, अंबेहटा निवासी एक महिला शुक्रवार को डॉ. समित जैन के यहां पहुंची। इस महिला की दाहिनी आंख पर सूजन आ गई है और ऊपरी जबड़े में भी निशान हैं। यह महिला जिला अस्पताल की इमरजेंसी में भी पहुंची थी। यहां तैनात डॉ. बीडी शर्मा ने इसे संदिग्ध माना और जांच कराए जाने की बात कही है। स्वास्थ्य विभाग ने गौरतलब है कि पांच दिन पहले भी डॉ. समिति जैन के यहां पर ब्लैक फंगस के लक्षण वाले तीन मरीज सामने आए थे।
वहीं एसबीडी जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में पहुंची ब्लैक फंगस की संदिग्ध महिला में लक्षणों को देखते हुए चिकित्सकों ने मेरठ जांच के लिए भेजा। इमरजेंसी वार्ड में तैनात चिकित्सक डॉ. बीडी शर्मा ने बताया कि यह घटना बृहस्पतिवार की है। सुदेश नाम की महिला को लेकर परिजन इमरजेंसी पहुंचे थे। महिला में ब्लैक फंगस के लक्षण थे, जिसे उनसे पहले ड्यूटी पर रहे चिकित्सक ने मेरठ भेजा।
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समय पर लें उचित उपचार
ब्लैक फंगस के कोई लक्षण नजर आए तो तत्काल सरकारी अस्पताल में या किसी अन्य विशेषज्ञ डॉक्टर को दिखाएं। नाक, कान, गले, आंख, मेडिसिन, चेस्ट या प्लास्टिक सर्जन विशेषज्ञ को तुरंत दिखाएं ताकि जल्दी इलाज शुरू हो सके।
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इन्हें रहता है खतरा
कोविड के दौरान जिन्हें स्टेरॉयड्स दवाओं में जैसे डेक्सामेथाजोन, मिथाइल, प्रेडनिसोलोन आदि दी गई हों। इसके अलावा कोविड मरीज को ऑक्सीजन सपोर्ट पर या आईसीयू में रखना पड़ा हो, साथ ही कैंसर, किडनी, ट्रांसप्लांट आदि की दवाएं चल रही हों, ऐसे मरीजों में ब्लैक फंगस होने का खतरा अधिक रहता है।
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ब्लैक फंगस के लक्षण
- बुखार आ रहा हो, सिर दर्द हो रहा हो, खांसी हो या सांस फूल रही हो।
- नाक बंद हो, नाक में म्यूकस के साथ खून आ रहा हो।
- आंख में दर्द हो, आंख फूल जाए, एक चीज दो दिख रही हों या दिखना बंद हो जाएं।
- चेहरे में एक तरफ दर्द हो, सूजन हो या सुन्न हो।
- दांत में दर्द हो, दांत हिलने लगें, चबाने में दांत दर्द करे।
- उल्टी में या खांसने पर बलगम में खून आए।
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सावधानियां
- किसी के कहने पर स्टेरॉयड दवा कतई शुरू न करें।
- लक्षण के पहले 5 से 7 दिनों में स्टेरॉयड देने के दुष्परिणाम हो सकते हैं।
- इलाज शुरू होने पर डॉक्टर से पूछें की इन दवाओं में स्टेरॉयड तो नहीं है।
- स्टेरॉयड शुरू होने पर विशेषज्ञ डॉक्टर के नियमित संपर्क में रहें।
- घर पर अगर ऑक्सीजन लगाया जा रहा है तो उसकी बोतल में उबालकर ठंडा किया हुआ पानी डालें या नॉर्मल स्लाइन डालें, बेहतर हो अस्पताल में भर्ती हों।
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ब्लैक फंगस को लेकर स्वास्थ्य विभाग तैयारियां कर रहा है। विभाग के पास फिलहाल इसकी दवाई नहीं है। हालांकि दवाएं मंगाने के लिए शासन के पास डिमांड भेजी गई है।
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- डॉ.बीएस सोढ़ी, सीएमओ, एसबीडी जिला चिकित्सालय
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